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Hathras News: कृत्रिम फूलों से संवार रहीं अपनी जिंदगी
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गांव गारवगढ़ी में कृत्रिम फूलों की झालर बनातीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : Samvad
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मुरसान क्षेत्र के गांव गारवगढ़ी में महिलाओं का एक समूह कृत्रिम फूल बनाकर असल जिंदगी को संवार रहा है। करीब 10 महिलाओं का यह समूह मिलकर विभिन्न प्रकार के सजावटी फूल तैयार करता है, जिनकी आपूर्ति शादी-विवाह और अन्य समारोहों में सजावट के लिए होती है।
समूह की महिलाएं आगरा और दिल्ली से कच्चा माल मंगवाकर रंग-बिरंगे कृत्रिम फूल तैयार करतीं हैं। इन फूलों का उपयोग शादी समारोह, स्टेज सजावट, धार्मिक और विभिन्न आयोजनों में किया जाता है। मांग बढ़ने से महिलाओं को आय होने लगी है।
इन महिलाओं का कहना है कि यदि उन्हें सरकारी योजनाओं या प्रशिक्षण के माध्यम से और सहयोग मिल जाए तो वे इस छोटे उद्योग को और बड़े स्तर तक ले जा सकती हैं। फिलहाल यह पहल गांव की महिलाओं के लिए रोजगार का एक अच्छा साधन बन चुकी है। उपायुक्त स्वत: रोजगार प्रेमनाथ यादव ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर मुमकिन सहायता दी जा रही है, महिलाएं अच्छा काम कर रहीं हैं।
पहले मैं घर गृहस्थी तक सीमित थी, लेकिन अब इस काम से आर्थिक रूप से भी परिवार का सहयोग कर रही हूं। सहालग में काम बढ़ने से एक महिला सदस्य को लगभग 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह तक की आय हो जाती है।
प्रेमवती देवी, समूह की सदस्य।
कृत्रिम फूलों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए हम लोग इस काम को और बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि समूह से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाई जा सके। अन्य महिलाओं को भी इसका लाभ दिलाया जा सके।
-शशि देवी, समूह की अध्यक्ष।
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समूह की महिलाएं आगरा और दिल्ली से कच्चा माल मंगवाकर रंग-बिरंगे कृत्रिम फूल तैयार करतीं हैं। इन फूलों का उपयोग शादी समारोह, स्टेज सजावट, धार्मिक और विभिन्न आयोजनों में किया जाता है। मांग बढ़ने से महिलाओं को आय होने लगी है।
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इन महिलाओं का कहना है कि यदि उन्हें सरकारी योजनाओं या प्रशिक्षण के माध्यम से और सहयोग मिल जाए तो वे इस छोटे उद्योग को और बड़े स्तर तक ले जा सकती हैं। फिलहाल यह पहल गांव की महिलाओं के लिए रोजगार का एक अच्छा साधन बन चुकी है। उपायुक्त स्वत: रोजगार प्रेमनाथ यादव ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर मुमकिन सहायता दी जा रही है, महिलाएं अच्छा काम कर रहीं हैं।
पहले मैं घर गृहस्थी तक सीमित थी, लेकिन अब इस काम से आर्थिक रूप से भी परिवार का सहयोग कर रही हूं। सहालग में काम बढ़ने से एक महिला सदस्य को लगभग 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह तक की आय हो जाती है।
प्रेमवती देवी, समूह की सदस्य।
कृत्रिम फूलों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए हम लोग इस काम को और बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि समूह से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाई जा सके। अन्य महिलाओं को भी इसका लाभ दिलाया जा सके।
-शशि देवी, समूह की अध्यक्ष।