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बूलगढ़ी युवक हत्याकांड: मामले में कोर्ट ने राहत देने से किया इनकार, आरोपी की जमानत याचिका निरस्त
Fri, 31 Jul 2026 12:22 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:22 PM IST
सार
10 जुलाई को गांव के सनी की ट्रैक्टर के नीचे दबकर मौत हो गई थी। करीब दो घंटे तक शव ट्रैक्टर के नीचे दबा रहा था। मृतक के पिता ने गांव के ही ट्रैक्टर मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जो कि बाद में विवेचना के दौरान हत्या व एससी-एसटी एक्ट में परिवर्तित की गई।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
हाथरस में एडीजे एससी-एसटी कोर्ट ने चंदपा के गांव बूलगढ़ी में अनुसूचित जाति के युवक की हत्या के मामले में आरोपी बनी सिंह की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। अदालत ने अपराध की गंभीरता और रंजिश के तहत हत्या के आरोपों को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इन्कार कर दिया।
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गौरतलब है कि 10 जुलाई 2026 को गांव के सनी (19) की ट्रैक्टर के नीचे दबकर मौत हो गई थी। करीब दो घंटे तक शव ट्रैक्टर के नीचे दबा रहा था। मृतक के पिता संतोष कुमार ने गांव के ही ट्रैक्टर मालिक बनी सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जो कि बाद में विवेचना के दौरान हत्या व एससी-एसटी एक्ट में परिवर्तित की गई।
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पुलिस ने दूसरे दिन ही बनी सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में बंद बनी सिंह ने जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। उनके अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी पूरी तरह निर्दोष है और उसने पुलिस को स्वयं थाने जाकर घटना की सूचना दी थी, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से की जा सकती है। बनी सिंह के अधिवक्ता ने बताया कि मृतक को स्वयं ट्रैक्टर चलाने का शौक था और वह मना करने के बावजूद ट्रैक्टर पर बैठ गया और फिर ट्रैक्टर पलट गया। जमानत की याचना करते हुए कहा कि आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है।
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वादी के अधिवक्ता ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि घटना से लगभग 15 दिन पूर्व वादी संतोष ने आरोपी के खेत में बाजरे की कटाई की थी, जिसके मजदूरी के पैसे मांगने पर आरोपी बनी सिंह व सुनील सिंह ने आठ जुलाई को सार्वजनिक स्थान पर जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी थी।
इसी रंजिश के चलते आरोपी ने जानबूझकर दूसरे ट्रैक्टर से टक्कर मारकर सनी के ट्रैक्टर को पलटा और उसकी हत्या कर दी। घटना के समय परिवार सदमे में था, जिस कारण जल्दबाजी में शुरुआत में दुर्घटना का प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन सच्चाई सामने आने पर धाराएं संशोधित की गईं।
न्यायालय ने पत्रावली का सम्यक अवलोकन करने और दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद पाया कि मामला अत्यंत गंभीर प्रवृत्ति का है तथा मजदूरी के विवाद की रंजिश में हत्या कारित करने का गंभीर आरोप है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर बिना कोई टिप्पणी किए आरोपी बनी सिंह की जमानत याचिका निरस्त करने का आदेश जारी किया।