{"_id":"6a1f401054d8d39b2008760c","slug":"battered-by-intense-heat-glucose-consumption-in-hospitals-doubles-hathras-news-c-56-1-hts1004-149421-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: तेज गर्मी की मार, अस्पतालों में दोगुनी हुई ग्लूकोज की खपत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: तेज गर्मी की मार, अस्पतालों में दोगुनी हुई ग्लूकोज की खपत
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 03 Jun 2026 02:11 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गर्मी और हालिया बारिश के बाद जिले में उल्टी, दस्त और पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिससे जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में ग्लूकोज की खपत बढ़ गई है।
अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। मरीजों में निर्जलीकरण की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों को आईवी फ्लूयड (ड्रिप) के जरिये उपचार करना पड़ रहा है, जिससे अस्पतालों में ग्लूकोज, आरएल, एनएस और डीएनएस फ्लूयड की खपत लगभग दोगुनी हो गई है।
चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बदलाव, तेज गर्मी और उमस के कारण फूड पॉइजनिंग तथा डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं। गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से पनपने से दूषित भोजन और पानी के सेवन से लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हो रही है। कई मरीजों का ब्लड प्रेशर अत्यधिक कम हो जाने के कारण उन्हें अर्धबेहोशी की हालत में अस्पताल लाया जा रहा है।
विज्ञापन
फिजिशियन डॉ. वरुण ने बताया कि ऐसे मरीजों को तत्काल राहत देने और शरीर में पानी की कमी दूर करने के लिए आईवी फ्लूयड चढ़ाना जरूरी हो जाता है। जहां पहले हर माह करीब 6,500 बोतलों की सप्लाई होती थी, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 12 हजार तक पहुंच गया है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 125 बोतलों की खपत हो रही है, जबकि प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर रोजाना 15 से 20 ड्रिप उपयोग में लाई जा रही हैं।
अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। मरीजों में निर्जलीकरण की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों को आईवी फ्लूयड (ड्रिप) के जरिये उपचार करना पड़ रहा है, जिससे अस्पतालों में ग्लूकोज, आरएल, एनएस और डीएनएस फ्लूयड की खपत लगभग दोगुनी हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बदलाव, तेज गर्मी और उमस के कारण फूड पॉइजनिंग तथा डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं। गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से पनपने से दूषित भोजन और पानी के सेवन से लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हो रही है। कई मरीजों का ब्लड प्रेशर अत्यधिक कम हो जाने के कारण उन्हें अर्धबेहोशी की हालत में अस्पताल लाया जा रहा है।
Trending Videos
फिजिशियन डॉ. वरुण ने बताया कि ऐसे मरीजों को तत्काल राहत देने और शरीर में पानी की कमी दूर करने के लिए आईवी फ्लूयड चढ़ाना जरूरी हो जाता है। जहां पहले हर माह करीब 6,500 बोतलों की सप्लाई होती थी, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 12 हजार तक पहुंच गया है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 125 बोतलों की खपत हो रही है, जबकि प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर रोजाना 15 से 20 ड्रिप उपयोग में लाई जा रही हैं।