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Hathras News: मेडिकल कॉलेज का रास्ता साफ, मिली पराग डेयरी की जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 03 Jun 2026 02:22 AM IST
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सासनी स्थित पराग डेयरी का गेट। संवाद
- फोटो : Samvad
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प्रशांत भारती
हाथरस। जिलेवासियों के लिए राहत भरी खबर है। हाथरस में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए चल रही जमीन की बाधा अब पूरी तरह दूर हो गई है। पराग डेयरी की भूमि के स्थानांतरण की प्रक्रिया को आधिकारिक रूप से पूरा कर लिया गया है। शासन स्तर से भूमि का हस्तांतरण होने के बाद यहां जिला प्रशासन की ओर से पराग डेयरी की उक्त भूमि पर मुख्य चिकित्साधिकारी को भूमि पर कब्जा दिला दिया गया है।
वर्ष 2022 में केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई थी। दुग्ध विकास विभाग की ओर से इस कीमती भूमि को भवन निर्माण के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नाम ट्रांसफर कर दिया गया है।
कागजी कार्यवाही और जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब गेंद स्वास्थ्य विभाग के पाले में है।
भूमि मिलने के बाद अब जल्द ही ज़िले में मेडिकल कॉलेज के भव्य भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस मेडिकल कॉलेज के बनने से न सिर्फ हाथरस, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के लाखों लोगों को इलाज के लिए अलीगढ़, आगरा या दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और डॉक्टरों की उपलब्धता से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।
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भूमि हस्तांरण के लिए चल रहा था पत्राचार : जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना प्रशासनिक पत्राचार और कागजी उलझनों में फंस हुई थी। इस महत्वपूर्ण परियोजना में भूमि हस्तांतरण के लिए शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय और हाथरस जिला प्रशासन के बीच लेटर वॉर छिड़ी हुई थी।
इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय द्वारा 27 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कहा गया कि भूमि हस्तांतरण की आवश्यक कार्रवाई जिलाधिकारी कार्यालय स्तर से ही अपेक्षित है।
डीएम अतुल वत्स ने 1 मार्च 2026 को महानिदेशक को एक जवाबी पत्र भेजा। डीएम ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि 19 अप्रैल 2025 के मूल शासनादेश के तहत तय की गई धनराशि का भुगतान महानिदेशालय को सीधे दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (सासनी-अलीगढ़) के पक्ष में जमा कराना है। शासनादेश के निर्देशों का अनुपालन न करके अनावश्यक रूप से पत्राचार किया जा रहा है।
गोशाला को किया जाएगा स्थानांतरित : पराग डेयरी परिसर में संचालित गोशाला को जल्द ही नए स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। वर्तमान में यहां मौजूद सभी गोवंश को समामई रुहल में नवनिर्मित वृहद गोशाला में शिफ्ट करने की तैयारी है।
इस स्थानांतरण से पराग डेयरी की भूमि पूरी तरह रिक्त हो सकेगी, जिससे प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को बिना किसी बाधा के गति दी जा सकेगी। संवाद
हाथरस। जिलेवासियों के लिए राहत भरी खबर है। हाथरस में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए चल रही जमीन की बाधा अब पूरी तरह दूर हो गई है। पराग डेयरी की भूमि के स्थानांतरण की प्रक्रिया को आधिकारिक रूप से पूरा कर लिया गया है। शासन स्तर से भूमि का हस्तांतरण होने के बाद यहां जिला प्रशासन की ओर से पराग डेयरी की उक्त भूमि पर मुख्य चिकित्साधिकारी को भूमि पर कब्जा दिला दिया गया है।
वर्ष 2022 में केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई थी। दुग्ध विकास विभाग की ओर से इस कीमती भूमि को भवन निर्माण के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नाम ट्रांसफर कर दिया गया है।
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कागजी कार्यवाही और जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब गेंद स्वास्थ्य विभाग के पाले में है।
भूमि मिलने के बाद अब जल्द ही ज़िले में मेडिकल कॉलेज के भव्य भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस मेडिकल कॉलेज के बनने से न सिर्फ हाथरस, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के लाखों लोगों को इलाज के लिए अलीगढ़, आगरा या दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और डॉक्टरों की उपलब्धता से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।
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इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय द्वारा 27 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कहा गया कि भूमि हस्तांतरण की आवश्यक कार्रवाई जिलाधिकारी कार्यालय स्तर से ही अपेक्षित है।
डीएम अतुल वत्स ने 1 मार्च 2026 को महानिदेशक को एक जवाबी पत्र भेजा। डीएम ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि 19 अप्रैल 2025 के मूल शासनादेश के तहत तय की गई धनराशि का भुगतान महानिदेशालय को सीधे दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (सासनी-अलीगढ़) के पक्ष में जमा कराना है। शासनादेश के निर्देशों का अनुपालन न करके अनावश्यक रूप से पत्राचार किया जा रहा है।
गोशाला को किया जाएगा स्थानांतरित : पराग डेयरी परिसर में संचालित गोशाला को जल्द ही नए स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। वर्तमान में यहां मौजूद सभी गोवंश को समामई रुहल में नवनिर्मित वृहद गोशाला में शिफ्ट करने की तैयारी है।
इस स्थानांतरण से पराग डेयरी की भूमि पूरी तरह रिक्त हो सकेगी, जिससे प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को बिना किसी बाधा के गति दी जा सकेगी। संवाद