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Hathras: 18 महीने में सीएमओ दफ्तर में दूसरी बार पकड़ा गया रिश्वतखोरी का खेल, दो साल में सात रिश्वत लेते दबोचे
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 03 Feb 2026 10:50 AM IST
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सार
हाथरस में पिछले दो वर्षों में विभिन्न सरकारी कार्यालयों के सात लिपिकों के खिलाफ विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है। सरकारी दफ्तरों में बाबूगीरी के रसूख और फाइल दबाने की प्रवृत्ति ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है।
महिला थाने में मौजूद सीएमओ कार्यालय की वरिष्ठ लिपिक बबिता चौहान लाल जैकेट में
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा उदाहरण एक बार फिर हाथरस सीएमओ कार्यालय में देखने को मिला है। पिछले 18 महीनों के भीतर यह दूसरा मौका है, जब एंटी करप्शन ने इस कार्यालय में रिश्वतखोरी में रंगे हाथ गिरफ्तारी की है। बार-बार हो रही इस कार्रवाई ने विभाग की कार्यशैली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह भी पढ़ें... Hathras News: सीएमओ कार्यालय की महिला लिपिक पांच हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, रिपोर्ट दर्ज
भ्रष्टाचार का यह जाल केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले दो वर्षों में विभिन्न सरकारी कार्यालयों के सात लिपिकों के खिलाफ विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है। सरकारी दफ्तरों में बाबूगीरी के रसूख और फाइल दबाने की प्रवृत्ति ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। जेल जाने के बावजूद कर्मचारियों के बीच भय का अभाव चिंताजनक है।
केस-1
01 फरवरी 2024 को विद्युत वितरण खंड चतुर्थ में तैनात लिपिक को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। विद्युत विभाग के ठेकेदार ने एक कॉलोनी में विद्युतीकरण के लिए 40 किलोवाट के कनेक्शन की मांग की थी, जिसके एवज में उनसे रुपये मांगे जा रहे थे।
केस- 2
14 मार्च 2024 को शहर के अलीगढ़ रोड स्थित अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड कार्यालय पर सिंचाई खंड फिरोजाबाद के उप राजस्व अधिकारी वादों की सुनवाई कर रहे थे, तभी उनके अधीन सींच पर्यवेक्षक सिकंदराराऊ व कार्यवाहक जिलेदार को एंटी करप्शन टीम ने छह हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया था।
केस-3
20 मार्च 2024 को तहसील सदर में राजस्व निरीक्षक को किसान से 15 हजार रुपये रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया था। मेड़बंदी के लिए राजस्व निरीक्षक योगेश गौतम ने किसान से रिश्वत मांगी थी।
केस-4
बीएसए कार्यालय में तैनात लिपिक को 27 जून 2024 को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंट टीम ने रंगे हाथ पकड़ा था। मुरसान के गांव नगला बाबू के शिक्षक सिद्धार्थ ने वेतन वृद्धि व प्रतिकूल प्रविष्टि हटाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। बीएसए कार्यालय के बाहर उसकी रिश्वत लेते उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
केस-5
12 जुलाई 2024 को भी सीएमओ कार्यालय में वरिष्ठ सहायक पद पर तैनात महिला लिपिक मधु भाटिया को सतर्कता अधिष्ठान आगरा ने 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसमें महिला लिपिक के साथ-साथ तत्कालीन सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। मुरसान में तैनात नेत्र परीक्षण अधिकारी से रुके हुए वेतन व एरियर के एवज में यह रुपये मांगने का आरोप था।
केस-6
29 जनवरी 2025 को नगर पालिका परिषद हाथरस में मुख्य स्वच्छता निरीक्षक महेश कुमार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया था। ठेकेदार को भुगतान करने के एवज में उन पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप था।
केस-7
31 मई 2025 को एंटी करप्शन टीम ने आगरा रोड पुलिस चौकी इंचार्ज अनिल शर्मा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उन पर अहियापुर कलां के साहब सिंह से झगड़े के मामले में कार्रवाई के नाम पर रुपये मांगने का आरोप था।
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भ्रष्टाचार का यह जाल केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले दो वर्षों में विभिन्न सरकारी कार्यालयों के सात लिपिकों के खिलाफ विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है। सरकारी दफ्तरों में बाबूगीरी के रसूख और फाइल दबाने की प्रवृत्ति ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। जेल जाने के बावजूद कर्मचारियों के बीच भय का अभाव चिंताजनक है।
केस-1
01 फरवरी 2024 को विद्युत वितरण खंड चतुर्थ में तैनात लिपिक को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। विद्युत विभाग के ठेकेदार ने एक कॉलोनी में विद्युतीकरण के लिए 40 किलोवाट के कनेक्शन की मांग की थी, जिसके एवज में उनसे रुपये मांगे जा रहे थे।
केस- 2
14 मार्च 2024 को शहर के अलीगढ़ रोड स्थित अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड कार्यालय पर सिंचाई खंड फिरोजाबाद के उप राजस्व अधिकारी वादों की सुनवाई कर रहे थे, तभी उनके अधीन सींच पर्यवेक्षक सिकंदराराऊ व कार्यवाहक जिलेदार को एंटी करप्शन टीम ने छह हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया था।
केस-3
20 मार्च 2024 को तहसील सदर में राजस्व निरीक्षक को किसान से 15 हजार रुपये रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया था। मेड़बंदी के लिए राजस्व निरीक्षक योगेश गौतम ने किसान से रिश्वत मांगी थी।
केस-4
बीएसए कार्यालय में तैनात लिपिक को 27 जून 2024 को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंट टीम ने रंगे हाथ पकड़ा था। मुरसान के गांव नगला बाबू के शिक्षक सिद्धार्थ ने वेतन वृद्धि व प्रतिकूल प्रविष्टि हटाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। बीएसए कार्यालय के बाहर उसकी रिश्वत लेते उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
केस-5
12 जुलाई 2024 को भी सीएमओ कार्यालय में वरिष्ठ सहायक पद पर तैनात महिला लिपिक मधु भाटिया को सतर्कता अधिष्ठान आगरा ने 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसमें महिला लिपिक के साथ-साथ तत्कालीन सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। मुरसान में तैनात नेत्र परीक्षण अधिकारी से रुके हुए वेतन व एरियर के एवज में यह रुपये मांगने का आरोप था।
केस-6
29 जनवरी 2025 को नगर पालिका परिषद हाथरस में मुख्य स्वच्छता निरीक्षक महेश कुमार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया था। ठेकेदार को भुगतान करने के एवज में उन पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप था।
केस-7
31 मई 2025 को एंटी करप्शन टीम ने आगरा रोड पुलिस चौकी इंचार्ज अनिल शर्मा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उन पर अहियापुर कलां के साहब सिंह से झगड़े के मामले में कार्रवाई के नाम पर रुपये मांगने का आरोप था।
