{"_id":"69b1d12c4fab0c021a0dadc3","slug":"corruption-looms-over-pms-residence-cdo-investigating-hathras-news-c-56-1-sali1016-145699-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: पीएम आवास पर भ्रष्टाचार की आंच, सीडीओ कर रहे जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: पीएम आवास पर भ्रष्टाचार की आंच, सीडीओ कर रहे जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 12 Mar 2026 02:01 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत गरीबों को छत मुहैया कराने के नाम पर जिले में भ्रष्टाचार का खेल सामने आया है। डूडा कार्यालय में तैनात सीएलटीसी अक्षय शर्मा पर दलालों के जरिये अवैध वसूली करने और शिकायतों को दबाने के संगीन आरोप लगे हैं।
शिकायतकर्ता आशीषपाल सिंह गौतम ने शपथ पत्र के जरिये शिकायत करते हुए कहा है कि अक्षय शर्मा डूडा कार्यालय की पूरी कमान संभालते हैं । जब पीड़ित ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर उच्चाधिकारियों के पास जाते हैं, तो उन शिकायतों को वापस जांच के लिए डूडा कार्यालय ही भेज दिया जाता है।
आरोप है कि वह अपनी पहुंच का फायदा उठाकर इन शिकायती पत्रों को कार्यालय से गायब करवा देते हैं, जिससे भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाती। आरोप है कि योजना के आवेदकों से उनकी पात्रता की जांच करने और पत्रावली को आगे बढ़ाने के नाम पर प्रति व्यक्ति तीन से पांच हजार रुपये की मांग की जा रही है।
शपथ पत्र में कहा गया है कि जब आवेदक डूडा कार्यालय में अपने हक की बात करने पहुंचते हैं तो उन्हें डांटकर भगा दिया जाता है । उन्हें मजबूर किया जाता है कि वे नगर पालिका के माध्यम से लेन-देन कर अपनी जांच रिपोर्ट सही करवाएं।
निदेशक सूडा ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सूडा की निदेशक अपूर्वा दुबे ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जब पात्रता और अपात्रता की जांच में मेरी कोई भूमिका ही नहीं है तो मैं किस आधार पर रुपये ले सकता हूं। जिलाधिकारी को गुमराह करने वाली बात गलत है। मेरे द्वारा मेरे उच्चाधिकारियों को कोई गुमराह नहीं किया गया है।
-अक्षय शर्मा, सीएलटीसी
शिकायत के आधार पर ईओ नगर पालिका परिषद और डूडा से दस्तावेज लिए गए हैं। इनके आधार पर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। संबंधित कर्मचारी के खिलाफ जो आरोप हैं, उनकी जांच की जा रही है।
पीएन दीक्षित, सीडीओ
Trending Videos
शिकायतकर्ता आशीषपाल सिंह गौतम ने शपथ पत्र के जरिये शिकायत करते हुए कहा है कि अक्षय शर्मा डूडा कार्यालय की पूरी कमान संभालते हैं । जब पीड़ित ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर उच्चाधिकारियों के पास जाते हैं, तो उन शिकायतों को वापस जांच के लिए डूडा कार्यालय ही भेज दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोप है कि वह अपनी पहुंच का फायदा उठाकर इन शिकायती पत्रों को कार्यालय से गायब करवा देते हैं, जिससे भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाती। आरोप है कि योजना के आवेदकों से उनकी पात्रता की जांच करने और पत्रावली को आगे बढ़ाने के नाम पर प्रति व्यक्ति तीन से पांच हजार रुपये की मांग की जा रही है।
शपथ पत्र में कहा गया है कि जब आवेदक डूडा कार्यालय में अपने हक की बात करने पहुंचते हैं तो उन्हें डांटकर भगा दिया जाता है । उन्हें मजबूर किया जाता है कि वे नगर पालिका के माध्यम से लेन-देन कर अपनी जांच रिपोर्ट सही करवाएं।
निदेशक सूडा ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सूडा की निदेशक अपूर्वा दुबे ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जब पात्रता और अपात्रता की जांच में मेरी कोई भूमिका ही नहीं है तो मैं किस आधार पर रुपये ले सकता हूं। जिलाधिकारी को गुमराह करने वाली बात गलत है। मेरे द्वारा मेरे उच्चाधिकारियों को कोई गुमराह नहीं किया गया है।
-अक्षय शर्मा, सीएलटीसी
शिकायत के आधार पर ईओ नगर पालिका परिषद और डूडा से दस्तावेज लिए गए हैं। इनके आधार पर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। संबंधित कर्मचारी के खिलाफ जो आरोप हैं, उनकी जांच की जा रही है।
पीएन दीक्षित, सीडीओ