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Hathras News: जिले में खाद्य प्रसंस्करण की आठ नई परियोजनाओं को मंजूरी
Fri, 03 Jul 2026 02:46 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 03 Jul 2026 02:46 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संचालित खाद्य प्रसंस्करण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त प्रस्तावों में से आठ परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है। इन इकाइयों की स्थापना से जिले में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई गति मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
योजना के तहत सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अथवा अधिकतम पांच करोड़ रुपये तक का अनुदान उपलब्ध करा रही है। इसका लाभ उठाकर उद्यमी जिले में नमकीन, डेयरी, फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, फ्रोजन फूड, मसाला और दाल प्रसंस्करण जैसी विभिन्न इकाइयां स्थापित कर रहे हैं।
स्वीकृत परियोजनाओं में एसएमसी एग्री लिमिटेड के निवेशक अमित अग्रवाल ने सब्जियों के भंडारण के लिए एकीकृत कोल्ड चेन स्थापित की है। अल्फा मिल्क फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के विपिन गुप्ता ने मक्खन एवं पनीर के परिवहन से जुड़ी परियोजना शुरू की है। एआर एंटरप्राइजेज की अनीता सिंह ने डिब्बा बंद फल एवं सब्जियां, सॉस तथा संबंधित उत्पादों की निर्माण इकाई स्थापित की है।
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इसी प्रकार फन ईट्स फूड प्रोडक्ट्स के मुकेश आंधीवाल ने फ्रूट जूस निर्माण इकाई स्थापित की है। वनस्पति फ्रोजन फूड प्राइवेट लिमिटेड के शुभम जैन ने फ्रोजन फल एवं सब्जियां, सोया चाप और रेडी-टू-ईट उत्पादों की इकाई शुरू की है।
वृंदावनांता फूड्स एमएफजी इंडिया एलएलपी की पारुल शर्मा ने टमाटर सॉस एवं क्यूलिनरी पेस्ट निर्माण इकाई स्थापित की है। इसके अलावा आरबी हींग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के रतन बिहारी अग्रवाल ने हींग निर्माण इकाई का आधुनिकीकरण कराया है, जबकि एलएस फूड्स एलएलपी के हर्षुल अग्रवाल ने अरहर दाल प्रसंस्करण इकाई स्थापित की है।
खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी योगेश्वरी सिंह ने बताया कि इन परियोजनाओं से जिले में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ प्रसंस्करण, पैकेजिंग, परिवहन और विपणन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को प्रदेश और देश के अन्य बाजारों तक पहुंचाने में भी सुविधा मिलेगी।
नए निवेशक ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन
विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी खाद्य प्रसंस्करण योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उद्यमियों को योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अधिक से अधिक निवेशकों के आगे आने से जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों का दायरा और विस्तृत होगा और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
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योजना के तहत सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अथवा अधिकतम पांच करोड़ रुपये तक का अनुदान उपलब्ध करा रही है। इसका लाभ उठाकर उद्यमी जिले में नमकीन, डेयरी, फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, फ्रोजन फूड, मसाला और दाल प्रसंस्करण जैसी विभिन्न इकाइयां स्थापित कर रहे हैं।
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स्वीकृत परियोजनाओं में एसएमसी एग्री लिमिटेड के निवेशक अमित अग्रवाल ने सब्जियों के भंडारण के लिए एकीकृत कोल्ड चेन स्थापित की है। अल्फा मिल्क फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के विपिन गुप्ता ने मक्खन एवं पनीर के परिवहन से जुड़ी परियोजना शुरू की है। एआर एंटरप्राइजेज की अनीता सिंह ने डिब्बा बंद फल एवं सब्जियां, सॉस तथा संबंधित उत्पादों की निर्माण इकाई स्थापित की है।
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इसी प्रकार फन ईट्स फूड प्रोडक्ट्स के मुकेश आंधीवाल ने फ्रूट जूस निर्माण इकाई स्थापित की है। वनस्पति फ्रोजन फूड प्राइवेट लिमिटेड के शुभम जैन ने फ्रोजन फल एवं सब्जियां, सोया चाप और रेडी-टू-ईट उत्पादों की इकाई शुरू की है।
वृंदावनांता फूड्स एमएफजी इंडिया एलएलपी की पारुल शर्मा ने टमाटर सॉस एवं क्यूलिनरी पेस्ट निर्माण इकाई स्थापित की है। इसके अलावा आरबी हींग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के रतन बिहारी अग्रवाल ने हींग निर्माण इकाई का आधुनिकीकरण कराया है, जबकि एलएस फूड्स एलएलपी के हर्षुल अग्रवाल ने अरहर दाल प्रसंस्करण इकाई स्थापित की है।
खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी योगेश्वरी सिंह ने बताया कि इन परियोजनाओं से जिले में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ प्रसंस्करण, पैकेजिंग, परिवहन और विपणन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को प्रदेश और देश के अन्य बाजारों तक पहुंचाने में भी सुविधा मिलेगी।
नए निवेशक ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन
विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी खाद्य प्रसंस्करण योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उद्यमियों को योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अधिक से अधिक निवेशकों के आगे आने से जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों का दायरा और विस्तृत होगा और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।