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सत्संग हादसा : शवों पर नहीं थी जाहिरा चोट, भगदड़ में दबने से हुई थी मौत
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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सत्संग हादसे के मामले में बृहस्पतिवार को एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में सिकंदराराऊ में तैनात एसआई अनिल कुमार शर्मा की गवाही हुई। बचाव पक्ष से जिरह के दौरान पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने बताया कि मृतकों के शव पर कोई जाहिरा चोट नहीं थी। महिलाओं की मृत्यु भगदड़ में दबने के कारण हुई थी। उस दिन गर्मी व उमस थी।
दो साल पहले सिकंदराराऊ के फुलरई में सत्संग के बाद हुई भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। एसआई अनिल कुमार शर्मा ने अपने बयान में कहा कि उन्हें दो जुलाई 2024 को भगदड़ में मृत लोगों के पंचनामा के लिए जिला अस्पताल हाथरस भेजा गया था। उन्होंने महिला कांस्टेबल सुमिता सिंह की मदद से चोटों का निरीक्षण कराकर सात महिलाओं के शवों का पंचनामा किया था। साथ ही जाहिर चोटों का अवलोकन किया था।
एसआई ने बताया कि उन्होंने सुदामा देवी, राजनश्री, मुन्नी देवी, ईश्वरी देवी, सुमन, गुड़िया व राजकुमारी का पंचनामा भरा था। मामले में अब अगली सुनाई नौ जुलाई को होगी। सत्संग हादसे में अब तक 31 लोगों की गवाही हो चुकी है।
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दो साल पहले सिकंदराराऊ के फुलरई में सत्संग के बाद हुई भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। एसआई अनिल कुमार शर्मा ने अपने बयान में कहा कि उन्हें दो जुलाई 2024 को भगदड़ में मृत लोगों के पंचनामा के लिए जिला अस्पताल हाथरस भेजा गया था। उन्होंने महिला कांस्टेबल सुमिता सिंह की मदद से चोटों का निरीक्षण कराकर सात महिलाओं के शवों का पंचनामा किया था। साथ ही जाहिर चोटों का अवलोकन किया था।
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एसआई ने बताया कि उन्होंने सुदामा देवी, राजनश्री, मुन्नी देवी, ईश्वरी देवी, सुमन, गुड़िया व राजकुमारी का पंचनामा भरा था। मामले में अब अगली सुनाई नौ जुलाई को होगी। सत्संग हादसे में अब तक 31 लोगों की गवाही हो चुकी है।
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