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Hathras News: छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी की तलाश में ईओडब्ल्यू की दबिश
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:55 AM IST
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आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की टीम ने एक दशक पूर्व हुए छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में शनिवार शाम को गांव नगला उम्मेद, रुहेरी व आसपास के गांवों में दबिश दी। टीम ने कोतवाली हाथरस गेट पुलिस के साथ आरोपी के घर व प्रतिष्ठान में की छानबीन की।
जानकारी के अनुसार काफी देर चली इस छानबीन के बाद भी टीम आरोपी को नहीं पकड़ सकी। शैक्षणिक सत्र 2011-12 और 2012-13 में कक्षा आठ तक के अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति देने के लिए शासन से करोड़ों रुपये की धनराशि जारी की थी।
इसमें हाथरस के 62 शैक्षणिक संस्थानों और मदरसों ने तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के साथ मिलकर फर्जी नामों और मांगपत्रों के आधार पर 24.92 करोड़ रुपये का गबन किया था।
इस मामले में थाना मुरसान में 2014 में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। प्रारंभिक जांच के बाद मामले की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को सौंप दी गई है। ईओडब्ल्यू की जांच में 81 आरोपी चिह्नित हुए थे। इसके अलावा जिला समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति में भी घोटाला हुआ था।
इसमें भी मुकदमा दर्ज किया गया था। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि पुराने मामले में टीम छानबीन के लिए आई थी। टीम ने मुरसान के कोटा गांव में आरोपी के घर पर दबिश दी। स्कूल में भी छानबीन की। यहां भी टीम को सफलता नहीं मिली।
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जानकारी के अनुसार काफी देर चली इस छानबीन के बाद भी टीम आरोपी को नहीं पकड़ सकी। शैक्षणिक सत्र 2011-12 और 2012-13 में कक्षा आठ तक के अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति देने के लिए शासन से करोड़ों रुपये की धनराशि जारी की थी।
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इसमें हाथरस के 62 शैक्षणिक संस्थानों और मदरसों ने तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के साथ मिलकर फर्जी नामों और मांगपत्रों के आधार पर 24.92 करोड़ रुपये का गबन किया था।
इस मामले में थाना मुरसान में 2014 में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। प्रारंभिक जांच के बाद मामले की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को सौंप दी गई है। ईओडब्ल्यू की जांच में 81 आरोपी चिह्नित हुए थे। इसके अलावा जिला समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति में भी घोटाला हुआ था।
इसमें भी मुकदमा दर्ज किया गया था। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि पुराने मामले में टीम छानबीन के लिए आई थी। टीम ने मुरसान के कोटा गांव में आरोपी के घर पर दबिश दी। स्कूल में भी छानबीन की। यहां भी टीम को सफलता नहीं मिली।