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Hathras News: हर घर नहीं पहुंचा जल, तीन किमी दूर से पानी ढो रहीं महिलाएं

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:37 AM IST
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Water has not reached every home; women are hauling water from three kilometers away.
सहपऊ के नौगांव में पानी भरने जातीं महिलाएं। संवाद  - फोटो : Samvad
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रविवार को दुनियाभर में विश्व जल दिवस मनाया गया। इस बार इसकी थीम जहां पानी बहता है, वहां समानता बढ़ती है। हाथरस में तो स्थिति ही इसके अलग है। सरकार के तमाम दावों के बाद भी हर घर जल नहीं पहुंचा है। हालात यह है कि सादाबाद क्षेत्र में एक से तीन किलोमीटर की दूरी से महिलाएं पानी ढोती नजर आती है।
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हाथरस जिले में पिछले करीब पांच वर्षों में कुल 280 पेयजल परियोजनाएं प्रस्तावित की गई थीं, लेकिन इनमें से 170 से ही किसी तरह पानी की आपूर्ति हो पा रही है। पांच परियोजनाएं शुरू ही नहीं हो पाई हैं। 105 परियोजनाओं के पूरा होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत में स्थिति उलट है।
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सबसे अधिक चिंताजनक स्थिति सादाबाद क्षेत्र के कई गांवों में हैं, जहां आज भी लोग सुबह-शाम पानी के लिए लंबी दूरी तय करते हैं। महिलाएं सिर पर मटके और बाल्टियां लेकर दूर-दूर से पानी ढोती नजर आती हैं। इससे न केवल उनका समय और श्रम व्यर्थ होता है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और परिवार की दिनचर्या भी प्रभावित होती है।





जल निगम की ओर से पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी दो निजी कंपनियों को सौंपी गई है, लेकिन बजट की कमी और कार्य की धीमी गति के कारण अधिकांश योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। जनपद में प्रस्तावित करीब 336 जलाशयों यानी 114 ओवरहेड टैंक का ही निर्माण पूरा हो पाया है। बजट के अभाव में 28 परियोजनाएं बंद पड़ी है। कई स्थानों पर पाइप लाइनें तो बिछा दी गई हैं, लेकिन उनमें पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।








बजट के अभाव में रेंग रहीं परियोजनाएं।

जल जीवन मिशन का हाल यह है कि पाइप लाइन बिछाने से लेकर अवर जलाशयों के निर्माण के अधिकांश कार्य अधूरे हैं। करीब एक वर्ष से लंबित भुगतान न होने के कारण एक कंपनी ने तो 28 परियोजनाओं को बंद कर दिया है। दूसरी कंपनी की 252 परियोजनाएं धीमी गति से चल रही है।




इन गांवों में लंबे समय से लटके निर्माण कार्य

सादाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौगांव, मंस्या, बरामई आदि में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव डाली जा रही पाइपलाइन और बनाए जा रहे अवर जलाशय, ओवरहेड टैंक अपूर्ण अवस्था में पड़े हैं। कई स्थानों पर खोदाई कर छोड़ दी गई है। गांव बरामई में बजट के अभाव में ओवरहेड टैक का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। वहीं ग्राम पंचायत मंस्या में भी कई काम अधर में हैं।







टोंटियां हैं, लेकिन पानी नहीं,,,,।

कनेक्शन तो दे दिए, पानी नहीं पहुंचा

आंकड़ों के अनुसार, जनपद में कुल 2,03,986 कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य था, जिसमें से 1,98,373 कनेक्शन दिए जाने का दावा किया जा रहा है। जमीनी हकीकत यह है कि अधिकांश घरों में नल तो लगे हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा। गांव नगला छत्ती, नगला मदारी, टीकैत में कई साल पहले जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन डालकर टोंटियां लगाई गईं थी, लेकिन आज तक इस पाइप लाइन के जरिए घरों तक पानी नहीं पहुंचा। क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौगांव, मंस्या, कुरसंडा में पानी की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। जारऊ, गोविंदपुर, मिढ़ावली, छावा, गुरसौटी, जैतई, वेदई, गहचौली, जटोई, गुखरौली आदि गांव में भी लोग पानी की समस्या से लगातार जूझ रहे हैं।








मैंने हाल ही में चार्ज संभाला है, लेकिन अभी तक कोई नया बजट नहीं मिला है। एक कम्पनी द्वारा बजट के आभाव में काम नहीं किया जा रहा, दूसरी कम्पनी की ओर से कार्य किया जा रहा है, लेकिन बजट न होने से रफ्तार कुछ धीमी है, कोशिश है कि जल्द बजट मिले तो कार्य को रफ्तार मिले और मार्च 2027 तक कार्य पूरा किया जा सके।,,,,,,,,,मोहित कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण, हाथरस।
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