RTE: काॅन्वेंट स्कूल में नहीं मिला दाखिला, अभिभावकों ने आरटीई से मुंह मोड़ा, हाथरस में रह गईं 1500 सीटें खाली
प्रतिष्ठित कॉन्वेंट स्कूल हाउसफुल आरटीई के तहत शहर के सभी प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में प्रवेश के लिए मारामारी का आलम यह रहा कि प्रथम और द्वितीय चरण में ही सभी आवंटित सीटें फुल हो गईं। अब तृतीय चरण में इन बड़े स्कूलों में एक भी सीट उपलब्ध नहीं है। इस कारण भी नए आवेदकों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है।
विस्तार
या तो अभिभावकों ने अपने बच्चों को कॉन्वेंट स्कूलों में ही पढ़ाने की जिद ठान रखी है या फिर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत मुफ्त प्रवेश की सुविधा से उनका मोह भंग हो रहा है। शायद यही कारण है कि दो चरणों में भी हाथरस जिले में मुफ्त दाखिले के लिए आरक्षित सीटें भर नहीं पाई हैं। कुल 3897 सीटों पर मुफ्त दाखिले होने थे, लेकिन अब तक सिर्फ 2397 सीटों पर ही दाखिले हो पाए हैं, जबकि 1500 सीटें अब भी खाली पड़ी हैं।
विडंबना यह है कि तृतीय चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 25 मार्च बेहद करीब है। इसके बावजूद अभी तक महज 155 आवेदकों ने ही अपने बच्चों के मुफ्त प्रवेश के लिए आवेदन किए हैं। विभागीय जानकार बताते हैं कि ज्यादातर रिक्त सीटें गांवों और कस्बों के हिंदी माध्यम के विद्यालयों की हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अभिभावकों की पहली प्राथमिकता अपने बच्चे का प्रवेश प्रतिष्ठित कॉन्वेंट स्कूल में कराने की होती है। अगर ऐसे किसी स्कूल में नंबर नहीं आ पाता या उसका कोटा भर जाता है तो अभिभावक मुफ्त दाखिले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते।
प्रतिष्ठित कॉन्वेंट स्कूल हाउसफुल आरटीई के तहत शहर के सभी प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में प्रवेश के लिए मारामारी का आलम यह रहा कि प्रथम और द्वितीय चरण में ही सभी आवंटित सीटें फुल हो गईं। अब तृतीय चरण में इन बड़े स्कूलों में एक भी सीट उपलब्ध नहीं है। इस कारण भी नए आवेदकों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है।
अंतिम तिथि से पहले बढ़ाएं आवेदन : बीएसए
जिले में शिक्षा का अधिकार के तहत तीसरे चरण में आवेदनों की कम संख्या को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वाति भारती ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि रिक्त सीटों के सापेक्ष आवेदनों की संख्या बढ़ाई जाए। संबंधित क्षेत्रों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षा मित्रों को घर-घर जाकर या जागरूकता के माध्यम से योजना में आवेदन करने के लिए प्रेरित करने के लिए निर्देशित किया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी से भी अनुरोध किया गया है कि वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से पात्र बच्चों के आवेदन कराने में सहयोग करें।
प्रथम चरण - ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया
- कुल आवेदन – 7074
- कुल सत्यापित/पात्र आवेदन – 6916
- अपात्र/निरस्त किए गए आवेदन- 158
- प्रथम चरण की लॉटरी प्रक्रिया में कुल चयनित छात्र/छात्रा – 1980
- प्रथम चरण की लॉटरी प्रक्रिया में कुल अचयनित छात्र/छात्रा –4936
द्वितीय चरण - ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया
- कुल आवेदन – 597
- कुल सत्यापित/पात्र आवेदन – 588
- अपात्र/निरस्त किए गए आवेदन- 9
- द्वितीय चरण की लॉटरी प्रक्रिया में कुल चयनित छात्र/छात्रा – 417
- द्वितीय चरण की लॉटरी प्रक्रिया में कुल अचयनित छात्र/छात्रा –171