Train: आधुनिक ट्रेनें बढ़ीं, घटी दिव्यांगों की किराया रियायत, गरीब रथ-वंदे भारत आदि में नहीं मिलता छूट का लाभ
दिव्यांग यात्रियों का मानना है कि रेलवे लगातार नई और आधुनिक ट्रेनों का संचालन बढ़ा रहा है। कई प्रमुख रूटों पर सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों की जगह वंदे भारत या अन्य विशेष श्रेणी की ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यदि इन ट्रेनों में किराया छूट नहीं मिलेगी तो दिव्यांग यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
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भारतीय रेलवे की ओर से दिव्यांग यात्रियों को कई श्रेणियों की ट्रेनों में किराये में रियायत दी जाती है, लेकिन वंदे भारत, गरीब रथ, प्रीमियम और स्पेशल ट्रेनों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। हाथरस के दिव्यांग यात्रियों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में पूरा किराया देकर यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में उन्होंने सभी ट्रेनों में समान रूप से किराया रियायत लागू करने की मांग उठाई है।
दिव्यांग यात्रियों का कहना है कि रेलवे लगातार नई और आधुनिक ट्रेनों का संचालन बढ़ा रहा है। कई प्रमुख रूटों पर सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों की जगह वंदे भारत या अन्य विशेष श्रेणी की ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यदि इन ट्रेनों में किराया छूट नहीं मिलेगी तो दिव्यांग यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि दिव्यांगजन अधिकारों के अनुरूप सभी ट्रेनों में एक समान रियायत मिलनी चाहिए।
राज्य दिव्यांग कल्याण सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं हाथरस निवासी सागर शर्मा ने बताया कि दिव्यांग यात्रियों को रेलवे की मौजूदा व्यवस्था में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने रेलवे बोर्ड से मांग की है कि वंदे भारत, गरीब रथ, प्रीमियम और स्पेशल ट्रेनों में भी अन्य ट्रेनों की तरह किराया रियायत लागू की जाए, ताकि दिव्यांग यात्रियों को समान सुविधा मिल सके। पूर्वाेत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के पीआरओ सफदर हुसैन ने बताया कि इस तरह के मामले रेलवे बोर्ड से निर्धारित होते हैं।
आज अधिकांश लोग तेज और आधुनिक ट्रेनों से सफर करना चाहते हैं, लेकिन वंदे भारत जैसी ट्रेनों में किराये में कोई छूट नहीं मिलती। मजबूरी में पूरा किराया देना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।-राजमाला, जिलाध्यक्ष, दिव्यांग सेना हाथरस
रेलवे कुछ ट्रेनों में तो किराये में छूट देता है, लेकिन वंदे भारत, गरीब रथ और स्पेशल ट्रेनों में यह सुविधा नहीं है। नई ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए पुराने नियमों में बदलाव जरूरी है। सभी ट्रेनों में दिव्यांग यात्रियों को एक समान किराया रियायत मिलनी चाहिए।-विजय शर्मा, दिव्यांग यात्री, हाथरस
मौजूदा समय में ये मिल रहीं सुविधाएं
रेलवे ने स्पष्ट किया कि दिव्यांग, बौद्धिक दिव्यांग और 90 प्रतिशत या उससे अधिक दृष्टिबाधित यात्रियों को द्वितीय श्रेणी, शयनयान, प्रथम श्रेणी, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी और एसी चेयर कार में 75 प्रतिशत तक किराये में रियायत दी जाती है, जबकि प्रथम एसी और द्वितीय एसी में 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। आरटीआई के उत्तर में यह भी बताया गया कि राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस की थर्ड एसी एवं एसी चेयर कार में 25 प्रतिशत रियायत मिलती है, लेकिन वंदे भारत, गरीब रथ, प्रीमियम और स्पेशल ट्रेनों में किराया छूट का कोई प्रावधान नहीं है। इन ट्रेनों में दिव्यांग कोटे के तहत पूर्ण किराये पर सीट उपलब्ध कराई जाती है।
मासिक, त्रैमासिक सीजन टिकट पर सिर्फ 50 फीसदी छूट
इसके अलावा मासिक और त्रैमासिक सीजन टिकट (एमएसटी/क्यूएसटी) पर 50 प्रतिशत रियायत तथा पात्र दिव्यांग यात्री के साथ यात्रा करने वाले एक सहचर को भी समान छूट दी जाती है। सागर शर्मा का कहना है कि समय के साथ रेलवे सेवाएं बदली हैं, इसलिए दिव्यांग यात्रियों को मिलने वाली रियायतों की नीति में भी बदलाव किया जाना चाहिए।