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Hathras News: राष्ट्रीय सवर्ण परिषद की चेतावनी पर छावनी में बदला एसपी कार्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 01 May 2026 02:05 AM IST
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पुलिस अधीक्षक कार्यालय के घेराव की घोषणा के बाद एसपी कार्यालय पर तैनात पुलिस बल। संवाद
- फोटो : Samvad
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राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हिस्ट्रीशीटर पंकज धवरैया के खिलाफ दर्ज 21 एफआईआर वापस लेने की मांग के समर्थन में एसपी कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी गई, जिसके चलते बृहस्पतिवार को चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने कुछ संगठनों के कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया। किसान संगठन के चुनिंदा कार्यकर्ताओं ने एएसपी को ज्ञापन सौंपा और रिपोर्ट वापस लेने की मांग उठाई।
दो दिन पहले अचानक सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली गई कि पंकज के समर्थन में विभिन्न संगठन एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे। पुलिस के मुताबिक भारतीय किसान यूनियन (स्वराष्ट्र) के कार्यकर्ता भी इसमें शामिल थे। इस चेतावनी के कारण हाथरस के अलावा अलीगढ़, कासगंज व एटा की पुलिस का कड़ा पहरा रहा। हाथरस जंक्शन से एसपी कार्यालय तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस रही। इस कारण कार्यकर्ता वहां नहीं पहुंच सके।
बाद में भारतीय किसान यूनियन (स्वराष्ट्र) के आठ-10 कार्यकर्ताओं ने एसपी कार्यालय पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोककर एएसपी ने ज्ञापन ले लिया। इसी तरह किसान संगठन ने सासनी में ज्ञापन सौंपा। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स तैनात किया गया था। पुलिस द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की गई है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
पंकज पर दर्ज हैं 21 रिपोर्ट
हाथरस। पंकज पर वर्ष 2018 से लेकर अब तक 21 पुलिस रिपोर्ट दर्ज हुई हैं, जिनमें धार्मिक भावनाओं को भड़काना, आईटी एक्ट से लेकर मारपीट, गाली-गलौज, धमकाने, एससी-एसटी एक्ट, भड़काऊ बयानबाजी, धोखाधड़ी के आरोप हैं। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में बीती सात फरवरी को अपने घर के बाहर धरने पर बैठे पंकज धवरैया के खिलाफ एक के बाद एक कार्रवाई की गईं। उनकी बातचीत का ऑडियो वायरल होने, प्रधानमंत्री का पिंड दान करने तथा हरि आई हॉस्पिटल पर कब्जा करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थीं। चंदपा में भी एक प्लाॅट पर कब्जे के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई। पंकज पर कुल 21 रिपोर्ट दर्ज होने पर कोतवाली सदर पुलिस ने उनकी हिस्ट्रीशीट नंबर 4-बी खोली। पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए पंकज तभी से जिले से बाहर हैं।
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दो दिन पहले अचानक सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली गई कि पंकज के समर्थन में विभिन्न संगठन एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे। पुलिस के मुताबिक भारतीय किसान यूनियन (स्वराष्ट्र) के कार्यकर्ता भी इसमें शामिल थे। इस चेतावनी के कारण हाथरस के अलावा अलीगढ़, कासगंज व एटा की पुलिस का कड़ा पहरा रहा। हाथरस जंक्शन से एसपी कार्यालय तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस रही। इस कारण कार्यकर्ता वहां नहीं पहुंच सके।
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बाद में भारतीय किसान यूनियन (स्वराष्ट्र) के आठ-10 कार्यकर्ताओं ने एसपी कार्यालय पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोककर एएसपी ने ज्ञापन ले लिया। इसी तरह किसान संगठन ने सासनी में ज्ञापन सौंपा। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स तैनात किया गया था। पुलिस द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की गई है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
पंकज पर दर्ज हैं 21 रिपोर्ट
हाथरस। पंकज पर वर्ष 2018 से लेकर अब तक 21 पुलिस रिपोर्ट दर्ज हुई हैं, जिनमें धार्मिक भावनाओं को भड़काना, आईटी एक्ट से लेकर मारपीट, गाली-गलौज, धमकाने, एससी-एसटी एक्ट, भड़काऊ बयानबाजी, धोखाधड़ी के आरोप हैं। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में बीती सात फरवरी को अपने घर के बाहर धरने पर बैठे पंकज धवरैया के खिलाफ एक के बाद एक कार्रवाई की गईं। उनकी बातचीत का ऑडियो वायरल होने, प्रधानमंत्री का पिंड दान करने तथा हरि आई हॉस्पिटल पर कब्जा करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थीं। चंदपा में भी एक प्लाॅट पर कब्जे के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई। पंकज पर कुल 21 रिपोर्ट दर्ज होने पर कोतवाली सदर पुलिस ने उनकी हिस्ट्रीशीट नंबर 4-बी खोली। पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए पंकज तभी से जिले से बाहर हैं।
