{"_id":"69b9c0daea96c7dec10b3d48","slug":"gangster-act-eight-years-imprisonment-in-robbery-case-hathras-news-c-56-1-hts1004-145941-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: गैंगस्टर एक्ट-डकैती के मामले में आठ वर्ष की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: गैंगस्टर एक्ट-डकैती के मामले में आठ वर्ष की कैद
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 18 Mar 2026 02:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट और डकैती से जुड़े एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया है। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) कोर्ट संख्या चतुर्थ ने अभियुक्त गुड्डू उर्फ मुश्ताक को विभिन्न धाराओं के तहत आठ-आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मार्च 2009 के डकैती के मामले में मुरसान कोतवाली पुलिस ने अभियुक्त गुड्डू उर्फ मुश्ताक निवासी गोंडा अलीगढ़ को डकैती के मामले में जेल भेजा था। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की थी। अप्रैल 2015 से गुड्डू जेल में बंद है। लंबे समय से जेल में बंद होने के कारण मुश्ताक ने जेल से ही अपने अधिवक्ता के माध्यम से जुर्म इकबाल का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
उसने अदालत से प्रार्थना की कि वह एक गरीब व्यक्ति है और उस पर बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी है, इसलिए उसकी सजा में नरमी बरती जाए। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि अभियुक्त एक शातिर अपराधी है, जिससे जनता में भय व्याप्त है, अत: उसे कठोर दंड मिलना चाहिए ।न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों व गवाहों के मद्देनजर सोमवार को अपना निर्णय दिया।
Trending Videos
मार्च 2009 के डकैती के मामले में मुरसान कोतवाली पुलिस ने अभियुक्त गुड्डू उर्फ मुश्ताक निवासी गोंडा अलीगढ़ को डकैती के मामले में जेल भेजा था। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की थी। अप्रैल 2015 से गुड्डू जेल में बंद है। लंबे समय से जेल में बंद होने के कारण मुश्ताक ने जेल से ही अपने अधिवक्ता के माध्यम से जुर्म इकबाल का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उसने अदालत से प्रार्थना की कि वह एक गरीब व्यक्ति है और उस पर बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी है, इसलिए उसकी सजा में नरमी बरती जाए। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि अभियुक्त एक शातिर अपराधी है, जिससे जनता में भय व्याप्त है, अत: उसे कठोर दंड मिलना चाहिए ।न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों व गवाहों के मद्देनजर सोमवार को अपना निर्णय दिया।