सैन्यकर्मी हत्याकांड: दो मुख्य आरोपी आपराधिक माफिया घोषित, दोनों पर हैं 26 मुकदमे दर्ज
कोर्ट से लौट रहे सैन्यकर्मी की घेरकर हत्या की गई थी। पुरानी रंजिश व कई बार टकराव होने के बाद भी पुलिस ने निगरानी नहीं रखी। लापरवाही पर सादाबाद एसओ, चौकी इंचार्ज व बीट सिपाही पर भी कार्रवाई हुई थी।
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हाथरस के सादाबाद में 5 फरवरी को हाईवे पर दिनदहाड़े हुए सैन्यकर्मी अखिलेश हत्याकांड के मुख्य आरोपी विक्रम उर्फ विक्को और कमलकांत गौतम को पुलिस ने आपराधिक माफिया घोषित कर दिया है। कोर्ट से लौट रहे सैन्यकर्मी की घेरकर हत्या की गई थी। पुरानी रंजिश व कई बार टकराव होने के बाद भी पुलिस ने निगरानी नहीं रखी।
लापरवाही पर सादाबाद एसओ, चौकी इंचार्ज व बीट सिपाही पर भी कार्रवाई हुई थी। हत्याकांड में मृतक की बहन डौली ने हिस्ट्रीशीटर विक्रम उर्फ विक्को तथा कमलकांत उर्फ केके गौतम सहित 10 लोगों को नामजद किया था। सैन्यकर्मी के परिजन मुख्यमंत्री से भी मिले थे, लेकिन दोनों शातिर अपराधी हाथरस पुलिस को चकमा देकर कुरुक्षेत्र पहुंच गए।
कुरुक्षेत्र के थानेसर सदर कोतवाली पुलिस ने 9 फरवरी 2025 की शाम को ताऊ देवीलाल पार्क के पश्चिमी गेट से विक्रम निवासी समदपुर व कमलकांत उर्फ केके निवासी महावतपुर, सादाबाद को गिरफ्तार दिखाया था। केके से देसी तमंचा व कारतूस 315 बोर व विक्रम से पिस्टल मिली, जिसकी मैग्जीन खाली थी। गिरफ्तारी की जानकारी हाथरस पुलिस को 12 फरवरी को दी गई।
परिजनों ने आरोप लगाया था कि अपराधियों को एनकाउंटर से बचाने के लिए कुरुक्षेत्र पुलिस उनसे मिल गई थी। सादाबाद पुलिस दोनों को रिमांड पर लाने के लिए फरवरी में ही बी-वारंट दाखिल कर चुकी है, लेकिन अभी तक उनकी रिमांड नहीं मिली है। इधर, हाथरस पुलिस ने दोनों को आपराधिक माफिया घोषित कर दिया है।
एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि दोनों अपराधी आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए क्षेत्र में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, मारपीट एवं अवैध असलहा रखने जैसे अपराध लगातार कारित कर रहे हैं, इसलिए इनको चिह्नित किया गया है। सर्विलांस व अन्य माध्यम से इनकी व इनके जमानतदारों की निगरानी रखी जाएगी। सादाबाद कोतवाली में विक्रम उर्फ विक्को की एचएस-16बी खुली है। उसके खिलाफ 2021 से अब तक 11 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं केके गौतम की एचएस 15बी खुली है। उस पर 2019 से अब तक 15 मुकदमे दर्ज हैं।