Cyber Crime: ‘गैस कनेक्शन कटेगा’ के झांसे में न आएं, अपराधियों के निशाने पर हैं गैस उपभोक्ता
साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान कॉल पर ओटीपी साझा न करें। गैस से जुड़े काम केवल आधिकारिक ऐप या अधिकृत वेबसाइट के जरिए ही करें।
विस्तार
डिजिटल दौर में साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब गैस उपभोक्ताओं को निशाना बनाकर फर्जी मैसेज के जरिए फोन हैक करने की कोशिश की जा रही है। जिले में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जिसके बाद साइबर सेल ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
केस-1
चमन विहार कॉलोनी निवासी आनंद के मोबाइल पर 2 मार्च को गैस कनेक्शन काटने से संबंधित मैसेज आया, जिसमें ई-केवाईसी के लिए एक लिंक दिया गया था। लिंक पर क्लिक करते ही एक एप इंस्टॉल हो गई। कुछ देर बाद जब उन्होंने यूपीआई एप खोली तो वार्निंग दिखाई दी। संदेह होने पर उन्होंने डाउनलोड फाइल चेक की, जिसमें एपीके फाइल मिली। स्थिति समझते हुए उन्होंने तुरंत फोन फॉर्मेट कर दिया।
केस-2
मेंडू निवासी भूपेंद्र के मोबाइल पर भी इसी तरह का मैसेज आया। पहले से सतर्क होने के कारण उन्होंने लिंक पर क्लिक नहीं किया। गैस एजेंसी से संपर्क करने पर मैसेज फर्जी निकला। एहतियात के तौर पर उन्होंने भी फोन फॉर्मेट कर दिया।
लिंक क्लिक करते ही हैक हो सकता है फोन
साइबर अपराधी मैसेज के जरिए लिंक भेजकर मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल कर देते हैं। इन दिनों गैस सब्सिडी रुक गई है या केवाईसी न होने पर कनेक्शन कट जाएगा जैसे मैसेज भेजे जा रहे हैं। लिंक पर क्लिक करते ही फोन का एक्सेस हैकर्स के पास चला जाता है, जिससे बैंक खाते और निजी डाटा खतरे में पड़ सकता है।
साइबर सेल की एडवाइजरी
साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान कॉल पर ओटीपी साझा न करें। गैस से जुड़े काम केवल आधिकारिक ऐप या अधिकृत वेबसाइट के जरिए ही करें। ई-केवाईसी भी केवल विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से ही कराएं।
क्या कहते हैं अधिकारी
साइबर सेल प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि अपराधी पैनिक पैदा कर लोगों को जाल में फंसाते हैं। यदि गैस कनेक्शन या सब्सिडी से जुड़ा कोई संदिग्ध मैसेज मिले तो उसकी पुष्टि संबंधित एजेंसी से करें। फिलहाल इस तरह के मामलों में ठगी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।