{"_id":"69b1d5d475f8e7e3c2019b27","slug":"hundreds-of-people-reached-hasayan-and-rati-ka-nagla-after-travelling-eight-kilometres-hathras-news-c-56-1-hts1003-145667-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: आठ किमी का फेरा लगाकर हसायन और रति का नगला पहुंचे सैकड़ों लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: आठ किमी का फेरा लगाकर हसायन और रति का नगला पहुंचे सैकड़ों लोग
विज्ञापन
नगला रति के रेलवे फाटक पर मरम्मत कार्य करते मजदूर। संवाद
- फोटो : Samvad
विज्ञापन
पूर्वोत्तर रेलवे के मथुरा-कासगंज रेलखंड पर स्थित रति का नगला-हसायन फाटक संख्या 288-सी पर बुधवार को स्लीपर बदले गए। इसकी वजह से रेलवे फाटक सुबह आठ से शाम छह बजे तक बंद रहा। दस घंटे तक सैकड़ों वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
फाटक बंद होने के कारण लोगों को चार किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए सीधामई, टोढ़ और सलेमपुर होते हुए करीब आठ किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ा, तब वे हसायन और रति का नगला पहुंच सके। करीब 10 घंटे तक लोगों को इसी वैकल्पिक मार्ग से आना-जाना पड़ा, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत हुई।
फाटक बंद रहने के कारण टेंपो और ई-रिक्शा का संचालन भी पूरी तरह ठप रहा। कई यात्रियों को पैदल या निजी साधनों से लंबा रास्ता तय करना पड़ा। सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेल पथ हाथरस सिटी अजय कुमार भटनागर ने बताया कि काम तेज गति से पूरा कर शाम छह बजे खत्म कर दिया गया। बृहस्पतिवार को फाटक यथावत खुलेगा।
हसायन बाजार जाना था, लेकिन फाटक बंद होने के कारण उन्हें सीधामई और सलेमपुर होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ा। इससे काफी समय खराब हो गया।
-सौदान सिंह, राहगीर।
दवा लेने बाजार जाना था। फाटक बंद होने की जानकारी पहले से नहीं थी, इसलिए रास्ते से लौटकर दूसरे मार्ग से जाना पड़ा। तीन घंटे का समय लगा है।
-अशोक कुमार, राहगीर।
सामान्य तौर पर मेरा इसी रास्ते से आना-जाना होता है, लेकिन बुधवार को करीब आठ किलोमीटर का फेरा लगाना पड़ा। इससे काम पर पहुंचने में देर हो गई।
-पूरन, राहगीर।
पहले से सूचना दे दी जाती तो हम लोग वैकल्पिक रास्ता चुन लेते। अचानक फाटक बंद होने से परेशानी झेलनी पड़ी। गर्मी होने से राह और मुश्किल हो गई।
-नीतू, राहगीर।
Trending Videos
फाटक बंद होने के कारण लोगों को चार किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए सीधामई, टोढ़ और सलेमपुर होते हुए करीब आठ किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ा, तब वे हसायन और रति का नगला पहुंच सके। करीब 10 घंटे तक लोगों को इसी वैकल्पिक मार्ग से आना-जाना पड़ा, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
फाटक बंद रहने के कारण टेंपो और ई-रिक्शा का संचालन भी पूरी तरह ठप रहा। कई यात्रियों को पैदल या निजी साधनों से लंबा रास्ता तय करना पड़ा। सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेल पथ हाथरस सिटी अजय कुमार भटनागर ने बताया कि काम तेज गति से पूरा कर शाम छह बजे खत्म कर दिया गया। बृहस्पतिवार को फाटक यथावत खुलेगा।
हसायन बाजार जाना था, लेकिन फाटक बंद होने के कारण उन्हें सीधामई और सलेमपुर होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ा। इससे काफी समय खराब हो गया।
-सौदान सिंह, राहगीर।
दवा लेने बाजार जाना था। फाटक बंद होने की जानकारी पहले से नहीं थी, इसलिए रास्ते से लौटकर दूसरे मार्ग से जाना पड़ा। तीन घंटे का समय लगा है।
-अशोक कुमार, राहगीर।
सामान्य तौर पर मेरा इसी रास्ते से आना-जाना होता है, लेकिन बुधवार को करीब आठ किलोमीटर का फेरा लगाना पड़ा। इससे काम पर पहुंचने में देर हो गई।
-पूरन, राहगीर।
पहले से सूचना दे दी जाती तो हम लोग वैकल्पिक रास्ता चुन लेते। अचानक फाटक बंद होने से परेशानी झेलनी पड़ी। गर्मी होने से राह और मुश्किल हो गई।
-नीतू, राहगीर।