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Hathras News: सिलिंडर नहीं मिल रहे तो भट्ठियां सुलगा रहे हलवाई
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 12 Mar 2026 02:27 AM IST
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शहर में एक मिठाई की दुकान पर कोयले की भट्ठी पर तैयार होती मिठाई। संवाद
- फोटो : Samvad
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जिले में इन दिनों व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की कमी का असर अब मिठाई कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। गैस कंपनियों की ओर से व्यावसायिक सिलेंडरों की बिक्री पर रोक लगाए जाने के बाद हलवाइयों को मिठाइयां तैयार करने के लिए भट्ठियां सुलगानी पड़ रही हैं। इसके लिए लकड़ी और कोयले की मांग बढ़ गई है।
शहर के कई प्रमुख हलवाइयों की दुकानों पर पुराने स्टॉक में मौजूद गैस सिलिंडरों से किसी तरह काम चलाया जा रहा है, लेकिन जैसे-जैसे यह स्टॉक खत्म हो रहा है, वैसे-वैसे दुकानदार कोयले की भट्ठियां जलाकर मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ तैयार करने लगे हैं। कुछ दुकानों पर बुधवार को कोयले की भट्ठियों पर ही कड़ाही चढ़ाकर मिठाइयां तैयार की गईं।
कई हलवाइयों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में दुकानदार लकड़ी और कोयले की पुरानी भट्ठियां फिर से चलाने को मजबूर हो जाएंगे।
हालांकि ऐसा करने पर उन्हें प्रदूषण विभाग की कार्रवाई का भी डर सता रहा है। दुकानदारों का कहना है कि उनके पास कारोबार चलाने के लिए फिलहाल कोई दूसरा विकल्प नहीं है। गैस सिलिंडर उपलब्ध न होने से काम पूरी तरह ठप होने की स्थिति बन रही है, जिससे रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो गया है।
पिछले कुछ दिनों से व्यावसायिक गैस सिलिंडर मिलना बंद हो गया है। पुराने स्टॉक से किसी तरह काम चलाया जा रहा था, लेकिन अब मजबूरी में कोयले की भट्ठी जलाकर मिठाई बनानी पड़ रही है। गैस न मिलने से काम करना काफी मुश्किल हो गया है।
-उमाशंकर, मिठाई विक्रेता।
यदि जल्द ही सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो अधिकांश दुकानों को लकड़ी और कोयले की भट्ठियों का सहारा लेना पड़ेगा। हालांकि प्रदूषण विभाग की कार्रवाई का भी डर बना हुआ है, लेकिन कारोबार की खातिर ऐसा करना मजबूरी बन गया है।
-दामोदरदास, मिठाई विक्रेता।
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शहर के कई प्रमुख हलवाइयों की दुकानों पर पुराने स्टॉक में मौजूद गैस सिलिंडरों से किसी तरह काम चलाया जा रहा है, लेकिन जैसे-जैसे यह स्टॉक खत्म हो रहा है, वैसे-वैसे दुकानदार कोयले की भट्ठियां जलाकर मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ तैयार करने लगे हैं। कुछ दुकानों पर बुधवार को कोयले की भट्ठियों पर ही कड़ाही चढ़ाकर मिठाइयां तैयार की गईं।
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कई हलवाइयों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में दुकानदार लकड़ी और कोयले की पुरानी भट्ठियां फिर से चलाने को मजबूर हो जाएंगे।
हालांकि ऐसा करने पर उन्हें प्रदूषण विभाग की कार्रवाई का भी डर सता रहा है। दुकानदारों का कहना है कि उनके पास कारोबार चलाने के लिए फिलहाल कोई दूसरा विकल्प नहीं है। गैस सिलिंडर उपलब्ध न होने से काम पूरी तरह ठप होने की स्थिति बन रही है, जिससे रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो गया है।
पिछले कुछ दिनों से व्यावसायिक गैस सिलिंडर मिलना बंद हो गया है। पुराने स्टॉक से किसी तरह काम चलाया जा रहा था, लेकिन अब मजबूरी में कोयले की भट्ठी जलाकर मिठाई बनानी पड़ रही है। गैस न मिलने से काम करना काफी मुश्किल हो गया है।
-उमाशंकर, मिठाई विक्रेता।
यदि जल्द ही सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो अधिकांश दुकानों को लकड़ी और कोयले की भट्ठियों का सहारा लेना पड़ेगा। हालांकि प्रदूषण विभाग की कार्रवाई का भी डर बना हुआ है, लेकिन कारोबार की खातिर ऐसा करना मजबूरी बन गया है।
-दामोदरदास, मिठाई विक्रेता।