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Hathras News: फेफड़ों तक पहुंच रहा संक्रमण, खांसी-बलगम से परेशान
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बदले मौसम में सुबह-शाम ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बीते कुछ दिनों से बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में इससे प्रभावित हो रहे मरीजों की संख्या बढ़ी है। संक्रमण केवल गले तक सीमित न रहकर फेफड़ों तक पहुंच रहा है। लोग लंबे समय तक रहने वाली खांसी और गाढ़े बलगम की शिकायत लेकर ओपीडी तक पहुंच रहे हैं। मंगलवार को 2142 मरीजों ने परामर्श लिया।
जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि अचानक मौसम में बदलाव के कारण सुबह और शाम ठंड है। इस दौरान बरती गई लापरवाही से लोग वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
संक्रमण अधिक होने के कारण मामूली सर्दी-जुकाम अब गंभीर छाती संक्रमण में बदल रहा है। जिससे लगातार खांसी, सांस लेने में हल्की तकलीफ और सीने में जकड़न जैसे लक्षण हो रहे हैं। इसलिए सुबह-शाम पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। कूलर व एसी से भी परहेज रखने की जरूरत है। ठंडा पानी भी न पीएं।
मंगलवार को छाती के 65 एक्स-रे हुए
संक्रमण की गंभीरता और फेफड़ों की स्थिति (जैसे निमोनिया या कंजेशन) की सटीक जांच के लिए डॉक्टर अब मरीजों को छाती का एक्स-रे कराने की सलाह दे रहे हैं। मंगलवार को 157 एक्स-रे हुए, जिसमें 65 छाती के रहे। फिजिशियन डाॅ. अवधेश कुमार ने बताया कि एक्स-रे के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि संक्रमण फेफड़ों के किस हिस्से तक फैला है, ताकि समय रहते एंटीबायोटिक्स या अन्य दवाओं से उपचार शुरू किया जा सके।
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संक्रमण अधिक होने के कारण मामूली सर्दी-जुकाम अब गंभीर छाती संक्रमण में बदल रहा है। जिससे लगातार खांसी, सांस लेने में हल्की तकलीफ और सीने में जकड़न जैसे लक्षण हो रहे हैं। इसलिए सुबह-शाम पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। कूलर व एसी से भी परहेज रखने की जरूरत है। ठंडा पानी भी न पीएं।
मंगलवार को छाती के 65 एक्स-रे हुए
संक्रमण की गंभीरता और फेफड़ों की स्थिति (जैसे निमोनिया या कंजेशन) की सटीक जांच के लिए डॉक्टर अब मरीजों को छाती का एक्स-रे कराने की सलाह दे रहे हैं। मंगलवार को 157 एक्स-रे हुए, जिसमें 65 छाती के रहे। फिजिशियन डाॅ. अवधेश कुमार ने बताया कि एक्स-रे के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि संक्रमण फेफड़ों के किस हिस्से तक फैला है, ताकि समय रहते एंटीबायोटिक्स या अन्य दवाओं से उपचार शुरू किया जा सके।