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Hathras News: महिलाओं को स्वावलंबन की राह दिखा रहीं कमलेश
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:27 AM IST
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बैंक सखी कमलेश।
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सासनी क्षेत्र के गांव बांधनू निवासी बैंक सखी कमलेश ने न केवल अपनी अलग पहचान बनाई है, बल्कि अब वह अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबन की राह दिखा रही हैं।
कमलेश एक बैंक से जुड़कर गांव और आसपास के क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। उनके माध्यम से लोगों को पैसे जमा करने- निकालने, आधार आधारित लेन-देन, खाते से संबंधित जानकारी और अन्य बैंकिंग सुविधाएं गांव में ही मिल जाती हैं। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
कमलेश बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें भी इस कार्य को लेकर संकोच था, लेकिन प्रशिक्षण और परिवार के सहयोग से वह आगे बढ़ीं। आज वह नियमित आय अर्जित कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में योगदान दे रही हैं। कमलेश ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय साक्षरता का महत्व समझाती हैं। उन्हें बचत करने, बैंक खाते का उपयोग करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक करती हैं।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को छोटे कारोबार शुरू करने के लिए भी प्रेरित करती हैं। कहतीं हैं कि आर्थिक रूप से सशक्त महिला न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसलिए वह चाहती हैं कि अधिक से अधिक महिलाएं आगे आएं और अपने पैरों पर खड़ी हों।
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कमलेश एक बैंक से जुड़कर गांव और आसपास के क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। उनके माध्यम से लोगों को पैसे जमा करने- निकालने, आधार आधारित लेन-देन, खाते से संबंधित जानकारी और अन्य बैंकिंग सुविधाएं गांव में ही मिल जाती हैं। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
कमलेश बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें भी इस कार्य को लेकर संकोच था, लेकिन प्रशिक्षण और परिवार के सहयोग से वह आगे बढ़ीं। आज वह नियमित आय अर्जित कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में योगदान दे रही हैं। कमलेश ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय साक्षरता का महत्व समझाती हैं। उन्हें बचत करने, बैंक खाते का उपयोग करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक करती हैं।
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स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को छोटे कारोबार शुरू करने के लिए भी प्रेरित करती हैं। कहतीं हैं कि आर्थिक रूप से सशक्त महिला न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसलिए वह चाहती हैं कि अधिक से अधिक महिलाएं आगे आएं और अपने पैरों पर खड़ी हों।