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Hathras News: गैस का चूल्हा बुझा, फिर से लौटा चूल्हे वाली रोटियों का दौर
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:26 AM IST
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चूल्हे पर रोटी बनाती महिला। संवाद
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घरेलू गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के तहत निशुल्क गैस कनेक्शन मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को धुएं से राहत मिली थी, लेकिन घरेलू गैस महंगी होने के बाद सैकड़ों परिवार फिर से लकड़ी के चूल्हों की ओर लौटने पर मजबूर हो गए हैं।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि लगातार बढ़ते गैस के दामों ने उनके घरेलू बजट को प्रभावित किया है। ऐसे में परिवारों को खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। कई महिलाएं अब जंगलों और खेतों के आसपास से लकड़ी व उपले एकत्र कर रही हैं और उसी से भोजन तैयार कर रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में फिर से चूल्हे सुलगना शुरू हो गए हैं, जिससे महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रसोई गैस की कीमतें आम लोगों की पहुंच में रहने से ही उज्ज्वला योजना का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
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रसोई गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। बढ़ती कीमतों के कारण कई परिवार फिर से लकड़ी के चूल्हे जलाने को विवश हो गए हैं।
सुमन देवी, गृहिणी।
उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस कनेक्शन गरीब महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं थे। इससे रसोई के धुएं से राहत मिली थी, लेकिन सिलिंडर की कीमतें बढ़ने से अब फिर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। - राधा देवी, गृहिणी।
घरेलू गैस सिलिंडर पर बढ़ी कीमतें
पहले अब
926 955
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि लगातार बढ़ते गैस के दामों ने उनके घरेलू बजट को प्रभावित किया है। ऐसे में परिवारों को खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। कई महिलाएं अब जंगलों और खेतों के आसपास से लकड़ी व उपले एकत्र कर रही हैं और उसी से भोजन तैयार कर रही हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में फिर से चूल्हे सुलगना शुरू हो गए हैं, जिससे महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रसोई गैस की कीमतें आम लोगों की पहुंच में रहने से ही उज्ज्वला योजना का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
रसोई गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। बढ़ती कीमतों के कारण कई परिवार फिर से लकड़ी के चूल्हे जलाने को विवश हो गए हैं।
सुमन देवी, गृहिणी।
उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस कनेक्शन गरीब महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं थे। इससे रसोई के धुएं से राहत मिली थी, लेकिन सिलिंडर की कीमतें बढ़ने से अब फिर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। - राधा देवी, गृहिणी।
घरेलू गैस सिलिंडर पर बढ़ी कीमतें
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