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Hathras News: करील स्वास्थ्य केंद्र बना नशेड़ियों का अड्डा, कमरों में भरा भूसा
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 10 Apr 2026 03:01 AM IST
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हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के कमरे में भरा भूसा। संवाद
- फोटो : Samvad
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क्षेत्र के गांव करील में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (उपकेंद्र) दुर्दशा का पर्याय बन चुके हैं। अस्पताल के कक्षों में मरीजों के बजाय भूसा भरा हुआ है। इस परिसर को नशेड़ियों ने अपना अड्डा बना रखा है।
हैरान कर देने वाली तस्वीर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (उप-केंद्र) के भवन से सामने आई है। देखरेख के अभाव में इस सरकारी भवन का उपयोग अब भूसा भरने के लिए किया जा रहा है। भवन के एक कमरे को ग्रामीणों ने भूसे का गोदाम बना दिया है।
दूसरे कमरे की स्थिति और भी चिंताजनक है। इसमें शराबियों ने अपना अड्डा बना रखा है। मौके पर पड़े शराब के ढेरों खाली पाउच सरकारी दावों का मजाक उड़ा रहे हैं। पीएचसी परिसर की सुरक्षा दीवारें भी कई जगहों से टूट चुकी हैं, जिससे पूरा परिसर लावारिस हालत में है। सीएमओ डॉ. राजीव राय ने बताया कि मामले की जानकारी लेकर समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। उपकेंद्र पर चिकित्सक की तैनाती के लिए भी पत्राचार किया जा रहा है।
डॉक्टर हैं नहीं, फार्मासिस्ट के सहारे मरीज
करील पीएचसी पिछले तीन महीने से बिना डॉक्टर के चल रहा है। यहां तैनात चिकित्सक का सहपऊ तबादला होने के बाद उनकी जगह कोई नई तैनाती नहीं की गई है। वर्तमान में फार्मासिस्ट मुकेश, स्टाफ नर्स देवदत्त, चौकीदार और सफाई कर्मी सुनील के भरोसे ही पूरा केंद्र संचालित है। डॉक्टर न होने से मरीजों ने भी अब इससे दूरी बना ली है। स्टाफ नर्स देवदत्त को ही नर्स के साथ लैब टेक्नीशियन का काम भी करना पड़ रहा है।
गांव जटोई के पास बने इस अस्पताल में डॉक्टर मिलते नहीं हैं। इस कारण हमें दवा के लिए करीब पांच किलोमीटर दूर मुरसान के सरकारी अस्पताल या फिर निजी डॉक्टर के पास जाना पड़ता है।
-पंकज सिंह, ग्रामीण
गांव के निकट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर तो मिलते ही नहीं हैं। दवा देने में भी आनाकानी की जाती है। अक्सर मरीजों को अस्पताल में दवा न होने की बात कहकर टरका दिया जाता है। गरीब मरीजों को बाजार में खर्चा कर दवाएं खरीदनी पड़ती हैं।
-जुगेंद्र सिंह, ग्रामीण
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हैरान कर देने वाली तस्वीर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (उप-केंद्र) के भवन से सामने आई है। देखरेख के अभाव में इस सरकारी भवन का उपयोग अब भूसा भरने के लिए किया जा रहा है। भवन के एक कमरे को ग्रामीणों ने भूसे का गोदाम बना दिया है।
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दूसरे कमरे की स्थिति और भी चिंताजनक है। इसमें शराबियों ने अपना अड्डा बना रखा है। मौके पर पड़े शराब के ढेरों खाली पाउच सरकारी दावों का मजाक उड़ा रहे हैं। पीएचसी परिसर की सुरक्षा दीवारें भी कई जगहों से टूट चुकी हैं, जिससे पूरा परिसर लावारिस हालत में है। सीएमओ डॉ. राजीव राय ने बताया कि मामले की जानकारी लेकर समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। उपकेंद्र पर चिकित्सक की तैनाती के लिए भी पत्राचार किया जा रहा है।
डॉक्टर हैं नहीं, फार्मासिस्ट के सहारे मरीज
करील पीएचसी पिछले तीन महीने से बिना डॉक्टर के चल रहा है। यहां तैनात चिकित्सक का सहपऊ तबादला होने के बाद उनकी जगह कोई नई तैनाती नहीं की गई है। वर्तमान में फार्मासिस्ट मुकेश, स्टाफ नर्स देवदत्त, चौकीदार और सफाई कर्मी सुनील के भरोसे ही पूरा केंद्र संचालित है। डॉक्टर न होने से मरीजों ने भी अब इससे दूरी बना ली है। स्टाफ नर्स देवदत्त को ही नर्स के साथ लैब टेक्नीशियन का काम भी करना पड़ रहा है।
गांव जटोई के पास बने इस अस्पताल में डॉक्टर मिलते नहीं हैं। इस कारण हमें दवा के लिए करीब पांच किलोमीटर दूर मुरसान के सरकारी अस्पताल या फिर निजी डॉक्टर के पास जाना पड़ता है।
-पंकज सिंह, ग्रामीण
गांव के निकट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर तो मिलते ही नहीं हैं। दवा देने में भी आनाकानी की जाती है। अक्सर मरीजों को अस्पताल में दवा न होने की बात कहकर टरका दिया जाता है। गरीब मरीजों को बाजार में खर्चा कर दवाएं खरीदनी पड़ती हैं।
-जुगेंद्र सिंह, ग्रामीण