School chalo abhiyan: कागजों में अभियान की धूम, इन आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
हैरानी की बात यह है कि नगर क्षेत्र हाथरस और सादाबाद जैसे इलाकों में उच्च कक्षाओं (कक्षा 2, 3, 4, 5, 7, 8) में नवीन नामांकन शून्य हैं। इन क्षेत्रों के परिषदीय स्कूलों में बाहर से एक भी नया छात्र नहीं जुड़ा है।
विस्तार
हाथरस जिले के 1235 परिषदीय विद्यालयों में स्कूल चलो अभियान 2026-27 की शुरुआत कागजों पर तो भले ही मजबूत दिख रही है, लेकिन विभागीय आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। कक्षा दो से आठ तक में हुए नामांकन के आंकड़े बताते हैं कि नए विद्यार्थियों को जोड़ने में स्कूलों के अध्यापक रुचि नहीं ले रहे हैं।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक हाथरस जिले में नए विद्यार्थियोें के नामांकन केवल कक्षा एक तक सिमटकर रह गए हैं। जिले में कुल 4656 नवीन नामांकन हुए हैं, जिनमें से 63 फीसदी से अधिक केवल कक्षा 1 के हैं। कक्षा एक में जहां लगभग 2952 बच्चों के नामांकन हुए हैं, वहीं कक्षा पांच और आठ जैसी महत्वपूर्ण कक्षाओं में नवीन नामांकन का आंकड़ा 30 के पार भी नहीं पहुंच सका है। जिले के 1235 परिषदीय स्कूलों में हर स्कूल मात्र एक नया छात्र भी कक्षा आठ में जोड़ता, तो यह संख्या 1235 होती, लेकिन यह आंकड़ा मात्र 26 पर अटका है।
कक्षावार नवीन नामांकन
- कक्षा 1 : 2952
- कक्षा 2 : 150
- कक्षा 3 : 79
- कक्षा 4 व 5 : क्रमशः 40 और 25 (चिंताजनक)
- कक्षा 7 व 8 : क्रमशः 36 और 26 (नाममात्र)
हाथरस व सादाबाद नगर में नए नामांकन शून्य
हैरानी की बात यह है कि नगर क्षेत्र हाथरस और सादाबाद जैसे इलाकों में उच्च कक्षाओं (कक्षा 2, 3, 4, 5, 7, 8) में नवीन नामांकन शून्य हैं। इन क्षेत्रों के परिषदीय स्कूलों में बाहर से एक भी नया छात्र नहीं जुड़ा है। ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक हसायन (584 नामांकन) और सासनी (916 नामांकन) की स्थिति तुलनात्मक रूप से नगर क्षेत्रों से बेहतर है, लेकिन यहां भी कक्षा चार के बाद नवीन नामांकन का ग्राफ गिर गया है।
कक्षा छह में दिखाए 1348 नए नामांकन
आंकड़ों में कक्षा छह में 1348 नवीन नामांकन दिखाए गए हैं। यह संख्या प्राथमिक विद्यालय (कक्षा पांच) पास करने के बाद उच्च प्राथमिक में जाने वाले बच्चों की है, जिसे नवीन की श्रेणी में रखकर विभाग अपनी पीठ थपथपा रहा है। वास्तव में, बीच की कक्षाओं (कक्षा 2, 3, 4, 7) में नए बच्चों को जोड़ने का प्रयास विफल साबित हो रहा है।