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Hathras News: हाथरस में तैयार मुकुट से सज रहे लड्डू गोपाल
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 20 May 2026 02:08 AM IST
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गांव पिछौती में मुकुट तैयार करतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : Samvad
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हसायन की महिलाएं लड्डू गोपाल और राधारानी के सुंदर मुकुट बना कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इनके बनाए मुकुट मथुरा और वृंदावन में लड्डू गोपाल के मस्तक की शोभा बढ़ा रहे हैं। हसायन के गांव पिछौती की रहने वाली हरलेश कुमारी ने महिलाओं को इस स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है।
हरलेश कुमारी की पहल पर राधा रानी संकुल से जुड़ीं करीब 12 महिलाएं आकर्षक और पारंपरिक मुकुट तैयार कर रहीं हैं। इन मुकुटों की मांग मथुरा और वृंदावन के धार्मिक बाजारों में है, जहां इनकी नियमित आपूर्ति की जा रही है।
महिलाएं घर के कामकाज के साथ समय निकालकर मुकुट बनातीं हैं। रंग-बिरंगे मोती, गोटा, कपड़ा और अन्य सजावटी सामग्री से तैयार किए जाने वाले ये मुकुट श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच खासे पसंद किए जा रहे हैं। इससे जुड़ीं महिलाएं हर माह करीब 10 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।
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हरलेश ने बताया कि शुरुआत छोटे स्तर पर की गई थी, लेकिन धीरे-धीरे काम बढ़ता गया और अब कई महिलाएं इससे जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। इस कार्य से जुड़ीं महिलाओं का कहना है कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब इस कार्य ने उन्हें नई पहचान और आर्थिक मजबूती दी है। अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ा जाए।
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महिलाएं घर के कामकाज के साथ समय निकालकर मुकुट बनातीं हैं। रंग-बिरंगे मोती, गोटा, कपड़ा और अन्य सजावटी सामग्री से तैयार किए जाने वाले ये मुकुट श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच खासे पसंद किए जा रहे हैं। इससे जुड़ीं महिलाएं हर माह करीब 10 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।
हरलेश ने बताया कि शुरुआत छोटे स्तर पर की गई थी, लेकिन धीरे-धीरे काम बढ़ता गया और अब कई महिलाएं इससे जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। इस कार्य से जुड़ीं महिलाओं का कहना है कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब इस कार्य ने उन्हें नई पहचान और आर्थिक मजबूती दी है। अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ा जाए।