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Hathras News: 430 उपभोक्ताओं का बढ़ा लाेड, बढ़ेगा बिल का बोझ
Wed, 08 Jul 2026 02:25 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 08 Jul 2026 02:25 AM IST
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- फोटो : Archive
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जिले के करीब 430 बिजली उपभोक्ताओं पर अचानक बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने वर्ष 2025-26 के दौरान तीन बार स्वीकृत भार से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं का स्वीकृत विद्युत भार स्वतः बढ़ा दिया है। संबंधित उपभोक्ताओं को संदेश भेजकर इसकी जानकारी दी जा रही है।
एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच जिन उपभोक्ताओं के यहां तीन बार अधिकतम मांग स्वीकृत भार से अधिक दर्ज हुई, उनका विद्युत भार विद्युत नियामक आयोग के प्रावधानों के तहत पुनर्निर्धारित कर दिया गया है। जिले में करीब 300 घरेलू उपभोक्ताओं का दो किलोवाट से बढ़ाकर तीन किलोवाट भार किया गया है।
तीन किलोवाट से अधिक भार वाले करीब 100 अन्य उपभोक्ताओं का भी स्वीकृत भार बढ़ाया गया है। अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार सिंह का कहना है कि पहले से स्वीकृत भार से अधिक बिजली का उपयोग करने पर उपभोक्ताओं को अतिरिक्त मांग प्रभार देना पड़ता था।
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अब भार बढ़ जाने के बाद स्वीकृत सीमा के भीतर बिजली का उपयोग करने पर यह अतिरिक्त प्रभार नहीं लगेगा। हालांकि भार बढ़ने के साथ स्थायी शुल्क भी बढ़ जाएगा। एक किलोवाट भार बढ़ने पर घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह करीब 120 रुपये अतिरिक्त स्थायी शुल्क देना होगा।
इसलिए बढ़ाया गया विद्युत भार
अधिशासी अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के प्रावधानों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता एक वित्तीय वर्ष के दौरान तीन बार स्वीकृत भार से अधिक बिजली का उपयोग करता है तो उसकी अधिकतम मांग के आधार पर स्वीकृत विद्युत भार स्वतः बढ़ाया जा सकता है। इसका उद्देश्य विद्युत नेटवर्क को वास्तविक भार के अनुरूप विकसित करना और ओवरलोडिंग से होने वाली तकनीकी समस्याओं को कम करना है।
अब भार कम कराने के लिए लगाने होंगे चक्कर
भार बढ़ने के बाद अब उसे कम कराने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली निगम के चक्कर काटने होंगे। तमाम कागजी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसके यहां कम भार की आवश्यकता है तो वह नियमानुसार आवेदन देकर स्वीकृत भार कम कराने की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। आवेदन के परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच जिन उपभोक्ताओं के यहां तीन बार अधिकतम मांग स्वीकृत भार से अधिक दर्ज हुई, उनका विद्युत भार विद्युत नियामक आयोग के प्रावधानों के तहत पुनर्निर्धारित कर दिया गया है। जिले में करीब 300 घरेलू उपभोक्ताओं का दो किलोवाट से बढ़ाकर तीन किलोवाट भार किया गया है।
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तीन किलोवाट से अधिक भार वाले करीब 100 अन्य उपभोक्ताओं का भी स्वीकृत भार बढ़ाया गया है। अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार सिंह का कहना है कि पहले से स्वीकृत भार से अधिक बिजली का उपयोग करने पर उपभोक्ताओं को अतिरिक्त मांग प्रभार देना पड़ता था।
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अब भार बढ़ जाने के बाद स्वीकृत सीमा के भीतर बिजली का उपयोग करने पर यह अतिरिक्त प्रभार नहीं लगेगा। हालांकि भार बढ़ने के साथ स्थायी शुल्क भी बढ़ जाएगा। एक किलोवाट भार बढ़ने पर घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह करीब 120 रुपये अतिरिक्त स्थायी शुल्क देना होगा।
इसलिए बढ़ाया गया विद्युत भार
अधिशासी अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के प्रावधानों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता एक वित्तीय वर्ष के दौरान तीन बार स्वीकृत भार से अधिक बिजली का उपयोग करता है तो उसकी अधिकतम मांग के आधार पर स्वीकृत विद्युत भार स्वतः बढ़ाया जा सकता है। इसका उद्देश्य विद्युत नेटवर्क को वास्तविक भार के अनुरूप विकसित करना और ओवरलोडिंग से होने वाली तकनीकी समस्याओं को कम करना है।
अब भार कम कराने के लिए लगाने होंगे चक्कर
भार बढ़ने के बाद अब उसे कम कराने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली निगम के चक्कर काटने होंगे। तमाम कागजी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसके यहां कम भार की आवश्यकता है तो वह नियमानुसार आवेदन देकर स्वीकृत भार कम कराने की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। आवेदन के परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।