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Hathras News: हड़ताल से मरम्मत ठप, 10 बसें खड़ी रहीं
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मरम्मत के अभाव में हाथरस डिपो की कार्यशाला में खड़ीं बसें। संवाद
- फोटो : Samvad
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हड़ताल से मरम्मत ठप, 10 बसें खड़ी रहीं
रोडवेज के हाथरस डिपो की कार्यशाला में आउटसोर्स मैकेनिकों की हड़ताल मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। तीन माह का बकाया वेतन नहीं मिलने से यह कर्मी हड़ताल पर हैं, जिसका असर दिखाई देने लगा है। मरम्मत कार्य ठप होने से करीब 10 बसें कार्यशाला में ही खड़ी हैं, जो मार्ग पर दौड़ रही हैं, वे रास्ते में खराब हो रही हैं।
डिपो के पास वर्तमान में 93 बसें हैं। इनमें 13 बसें नीलामी पर हैं। 10 बसें मरम्मत न होने से कार्यशाला में खड़ी हैं। ऐसे में डिपो प्रशासन 70 बसों की सामान्य जांच कर उन्हें मार्ग पर रवाना कर रहा है। मरम्मत कार्य प्रभावित होने का सबसे अधिक असर आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर है।
बसों की कमी के कारण इस रूट पर फेरे घटाने पड़ रहे हैं, जिससे यात्रियों को लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। यदि जल्द ही हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और अधिक बसों के कार्यशाला में खड़े होने की आशंका है।
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इधर, वेतन भुगतान को लेकर आउटसोर्स कर्मचारियों में असंतोष है। कुछ आउटसोर्स कर्मियों के खातों में दो माह का वेतन भेजा गया है, जबकि कई कर्मचारियों को अब तक एक भी माह का भुगतान नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि तीन माह का पूरा बकाया मिलने तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। डिपो प्रभारी मंगेश कुमार कहना है कि लगभग सभी मैकेनिक के खाते में वेतन आ गया है, कुछ का रह गया है तो वह भी आ जाएगा, अब सभी को काम पर लौटना चाहिए।
मरम्मत के अभाव में रास्ते में खड़ी हो रहीं बसें
कार्यशाला में मरम्मत नहीं होने का असर अब बसों के संचालन पर दिखाई देने लगा है। मंगलवार को हाथरस डिपो की बस संख्या यूपी-85 बीटी-5973 अलीगढ़ बाईपास के निकट खराब हो गई, जिससे यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। बस संख्या यूपी-81 सीटी-2963 हाथरस शहर में ही खराब हो गई। मरम्मत के बाद उसे गंतव्य के लिए रवाना किया गया। लगातार ऐसी घटनाएं होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है।
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रोडवेज के हाथरस डिपो की कार्यशाला में आउटसोर्स मैकेनिकों की हड़ताल मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। तीन माह का बकाया वेतन नहीं मिलने से यह कर्मी हड़ताल पर हैं, जिसका असर दिखाई देने लगा है। मरम्मत कार्य ठप होने से करीब 10 बसें कार्यशाला में ही खड़ी हैं, जो मार्ग पर दौड़ रही हैं, वे रास्ते में खराब हो रही हैं।
डिपो के पास वर्तमान में 93 बसें हैं। इनमें 13 बसें नीलामी पर हैं। 10 बसें मरम्मत न होने से कार्यशाला में खड़ी हैं। ऐसे में डिपो प्रशासन 70 बसों की सामान्य जांच कर उन्हें मार्ग पर रवाना कर रहा है। मरम्मत कार्य प्रभावित होने का सबसे अधिक असर आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर है।
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बसों की कमी के कारण इस रूट पर फेरे घटाने पड़ रहे हैं, जिससे यात्रियों को लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। यदि जल्द ही हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और अधिक बसों के कार्यशाला में खड़े होने की आशंका है।
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इधर, वेतन भुगतान को लेकर आउटसोर्स कर्मचारियों में असंतोष है। कुछ आउटसोर्स कर्मियों के खातों में दो माह का वेतन भेजा गया है, जबकि कई कर्मचारियों को अब तक एक भी माह का भुगतान नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि तीन माह का पूरा बकाया मिलने तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। डिपो प्रभारी मंगेश कुमार कहना है कि लगभग सभी मैकेनिक के खाते में वेतन आ गया है, कुछ का रह गया है तो वह भी आ जाएगा, अब सभी को काम पर लौटना चाहिए।
मरम्मत के अभाव में रास्ते में खड़ी हो रहीं बसें
कार्यशाला में मरम्मत नहीं होने का असर अब बसों के संचालन पर दिखाई देने लगा है। मंगलवार को हाथरस डिपो की बस संख्या यूपी-85 बीटी-5973 अलीगढ़ बाईपास के निकट खराब हो गई, जिससे यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। बस संख्या यूपी-81 सीटी-2963 हाथरस शहर में ही खराब हो गई। मरम्मत के बाद उसे गंतव्य के लिए रवाना किया गया। लगातार ऐसी घटनाएं होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है।