MYUVA: हाथरस में अभियान की हालत पतली, बैंकों की दहलीज पर दम तोड़ रहे युवाओं के सपने, कर्ज के 841 आवेदन लटके
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना का मकसद युवाओं को खुद को रोजगार शुरू कर नौकरी पाने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाना है, लेकिन बैंकों का टालम-टूल रवैया उनके सपनों को चकनाचूर कर रहा है।
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प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हाथरस जिले में बैंकों की बेरुखी का शिकार है। चालू वित्तीय वर्ष में जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से विभिन्न बैंकों को ऋण की मंजूरी के लिए 1130 फाइलें भेजी गईं, लेकिन इनमें से सिर्फ 289 आवेदकों को ही अभी तक कर्ज मिल सका है। शेष 841 आवेदन लंबे समय से बैंक शाखाओं में लंबित पड़े हैं।
आवेदक रोजाना बैंकों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वहां से कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं मिल पा रहा। यह स्थिति केवल इस वर्ष की नहीं है, बल्कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी ऋण वितरण के प्रति बैंकों का यही रवैया सामने आया है।
पिछले वर्ष कुल 2253 आवेदकों में से केवल 1216 को ही कर्ज मिल सका था, जबकि 1036 फाइलों को बैंकों ने निरस्त कर या आपत्तियां लगाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया। योजना का मकसद युवाओं को खुद को रोजगार शुरू कर नौकरी पाने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाना है, लेकिन बैंकों का यह रवैया उनके सपनों को चकनाचूर कर रहा है।
आवेदकों की पीड़ा हमने कृषि आधारित प्रसंस्करण के काम को आगे बढ़ाने के लिए सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत ट्रैक्टर ऋण के लिए आवेदन किया था। जिला उद्योग केंद्र से हमारी फाइल पास होकर बैंक भेज दी गई है, लेकिन काफी समय से बैंक अधिकारी कागजी कमियों का बहाना बनाकर टालमटोल कर रहे हैं। -प्रीति निवासी गांव खिटौली
गांव में कृषि कार्य और माल ढुलाई के लिए ट्रैक्टर की सख्त जरूरत थी। सरकार की ब्याज मुक्त योजना से बड़ी उम्मीद जगी थी, इसलिए योजना के तहत ट्रैक्टर के लिए फाइल लगाई थी। सभी कागजात पूरे होने और बैंक में गारंटर देने के बावजूद अधिकारी फाइल दबाकर बैठे हैं।-प्रतिभा निवासी गांव गोपालपुर सेवा नगला।
सीएम युवा उद्यमी योजना में ऋण दिए जाने का निर्णय बैंक प्रबंधक के विवेक पर होता है, क्योंकि ऋण वापसी की जिम्मेदारी भी बैंक प्रबंधक की ही होती है। इस तरह की योजनाओं में यदि आवेदक सामान्य तौर सीधे दस्तावेज पूरे नहीं कर पाता या ऋण का उद्देश्य भी मानकों के अनुरूप नहीं होता, इसलिए इस पर ब्रेक लग जाता है। स्पष्ट उद्देश्य वाले आवेदनों पर तत्काल ऋण दिया जाता है।-राजीव कुमार, लीड बैंक प्रबंधक, हाथरस।
सीएम युवा उद्यमी योजना के आंकड़े
- वित्तीय वर्ष 2026-27 (वर्तमान स्थिति)
- कुल प्रेषित आवेदन : 1130
- स्वीकृत/ऋण वितरित : 289
- लंबित फाइलें : 841
वित्तीय वर्ष 2025-26 (पिछला रिकॉर्ड)
- कुल प्रेषित आवेदन : 2253
- स्वीकृत आवेदन/ऋण वितरण : 1216
- निरस्त/लंबित आवेदन : 1036
यह है सीएम युवा उद्यमी योजना
- ब्याज मुक्त ऋण : प्रथम चरण में नई सूक्ष्म इकाई के लिए पांच लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है।
- सब्सिडी व प्रोत्साहन : योजना के तहत परियोजना लागत पर 10% सब्सिडी और वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान है।
- द्वितीय चरण : प्रथम चरण का ऋण समय से चुकाने पर उद्योग के विस्तार के लिए 10 लाख रुपये तक का अतिरिक्त ऋण मिलता है।
- पात्रता : 21 से 40 वर्ष की आयु, न्यूनतम आठवीं पास और ओडीओपी, विश्वकर्मा, श्रम सम्मान या आईटीआई/कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त होना अनिवार्य है।
इस तरह कर सकते हैं योजना में आवेदन
- ऑनलाइन पोर्टल : यूपी युवा साथी पोर्टल (yuvasathi.in) पर जाएं।
- पंजीकरण : अपने मोबाइल नंबर व ई-मेल से पोर्टल पर खाता बनाएं।
- विवरण दर्ज करें : अपनी शैक्षणिक योग्यता, कौशल प्रशिक्षण और परियोजना रिपोर्ट का विवरण भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें : आधार, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो और परियोजना रिपोर्ट अपलोड कर फाॅर्म जमा करें।
- जांच : फॉर्म जमा होने पर जिला उद्योग केंद्र जांच कर मामला संबंधित बैंक को स्वीकृत के लिए भेजेगा।