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Hathras News: महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहीं मुन्नी देवी
Tue, 07 Jul 2026 02:45 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 07 Jul 2026 02:45 AM IST
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मुन्नी देवी। स्रोत : स्वयं
- फोटो : Self
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ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में सासनी ब्लॉक के गांव छौंक निवासी मुन्नी देवी अहम भूमिका निभा रही हैं। आईसीआरसी (इंटर क्लस्टर रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) के रूप में कार्यरत मुन्नी देवी स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर उन्हें बचत, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम कर रही हैं।
मुन्नी देवी अब तक अपने गांव में ही करीब 15 स्वयं सहायता समूहों का गठन करा चुकी हैं। इनके माध्यम से महिलाओं में नियमित बचत की आदत विकसित हुई है, साथ ही उन्हें बैंकिंग व्यवस्था, ऋण सुविधा और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिल रही है।
समूहों से जुड़ने के बाद कई महिलाओं ने अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। वह गांव-गांव जाकर महिलाओं को जागरूक करती हैं और उनकी रुचि के अनुसार व्यवसाय चुनने के लिए प्रेरित करती हैं।
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किसी को पशुपालन, डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती निर्माण, मसाला पैकिंग या अन्य घरेलू उद्योगों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। इसके लिए संबंधित विभागों के माध्यम से प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।
मुन्नी देवी का कहना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो पूरा परिवार सशक्त होता है। स्वयं सहायता समूह केवल बचत का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करने और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने का मजबूत मंच भी है। उनके प्रयासों से कई महिलाएं आज स्वरोजगार अपनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं।
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मुन्नी देवी अब तक अपने गांव में ही करीब 15 स्वयं सहायता समूहों का गठन करा चुकी हैं। इनके माध्यम से महिलाओं में नियमित बचत की आदत विकसित हुई है, साथ ही उन्हें बैंकिंग व्यवस्था, ऋण सुविधा और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिल रही है।
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समूहों से जुड़ने के बाद कई महिलाओं ने अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। वह गांव-गांव जाकर महिलाओं को जागरूक करती हैं और उनकी रुचि के अनुसार व्यवसाय चुनने के लिए प्रेरित करती हैं।
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किसी को पशुपालन, डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती निर्माण, मसाला पैकिंग या अन्य घरेलू उद्योगों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। इसके लिए संबंधित विभागों के माध्यम से प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।
मुन्नी देवी का कहना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो पूरा परिवार सशक्त होता है। स्वयं सहायता समूह केवल बचत का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करने और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने का मजबूत मंच भी है। उनके प्रयासों से कई महिलाएं आज स्वरोजगार अपनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं।