सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Nautapa effect on heat

Nautapa: सूर्य देव दिखाएंगे 2 जून तक नौतपा में कड़े तेवर, रहें संभल कर, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी

अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Mon, 25 May 2026 03:42 PM IST
विज्ञापन
सार

आज  से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है। दो जून तक के यह नौ दिन साल के सबसे गर्म दिन माने जाते हैं, जिसमें सूर्य देव अपने चरम रूप में नजर आएंगे।

Nautapa effect on heat
गर्मी में शहर के सराफा बाजार में पसरा सन्नाटा - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

उत्तर भारत सहित हाथरस जिले भर में इन दिनों सूरज की तपिश और लू का सितम जारी है। इसी बीच आम जनमानस और किसानों के लिए एक बड़ी परीक्षा की घड़ी आ रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सोमवार यानी 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है। दो जून तक के यह नौ दिन साल के सबसे गर्म दिन माने जाते हैं, जिसमें सूर्य देव अपने चरम रूप में नजर आएंगे।

Trending Videos


रविवार को भी सूरज के तेवर तल्ख रहे। दोपहर को अधिकतम तापमान 46.1 डिग्री तक पहुंच गया। धूप व लू के कारण बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। अलीगढ़-आगरा व मथुरा-बरेली मार्ग पर भी सूना नजर आया। सुबह 11 बजे के बाद लोग घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोहिणी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश, थमेगी हवा की रफ्तार
पंडित सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो नौतपा की शुरुआत होती है। इस बार यह खगोलीय घटना सोमवार से शुरू हो रही है। रोहिणी को चंद्रमा का नक्षत्र यानी शीतलता का प्रतीक माना जाता है। जब ग्रहों के राजा सूर्य इसमें आते हैं, तो इसकी शीतलता पूरी तरह सोख लेते हैं।

विज्ञापन

वैज्ञानिक दृष्टिकोण
वहीं वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो इस समय सूर्य की किरणें मैदानी इलाकों पर बिल्कुल सीधी पड़ती हैं। हवाएं लगभग थम जाती हैं, जिससे उमस और लू का प्रकोप रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाता है। हाथरस और आसपास के ग्रामीण इलाके सादाबाद, सिकंदराराऊ व सासनी में इन नौ दिनों के दौरान तापमान में भारी बढ़ोतरी की संभावना है।

नौतपा को लेकर ग्रामीण अंचलों और किसानों में यह बात प्रचलित है कि जितना तपेगा नौतपा, उतनी अच्छी होगी बरखा। इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण भी बेहद सटीक है। जब मैदानी इलाकों में भयंकर गर्मी पड़ती है, तो यहां निम्न वायुदाब का क्षेत्र बनता है। यह दबाव समुद्र की ठंडी और नमी से भरी हवाओं को अपनी तरफ तेजी से खींचता है। नतीजतन, मानसून समय पर आता है और अच्छी बारिश होती है।

नौतपा का गलना
यदि इन नौ दिनों के बीच बारिश हो जाए या ठंडी हवाएं चल जाएं, तो स्थानीय भाषा में इसे नौतपा का गलना कहा जाता है, जिसे आगे चलकर मानसून के कमजोर होने का संकेत माना जाता है। इसलिए बेहतर फसल और अच्छे मानसून के लिए नौतपा जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी

  • भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने भी अलर्ट जारी किया है। सीएमओ डाॅ. राजीव रॉय ने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
  • दोपहर में निकलने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब तक बहुत जरूरी न हो, घरों से बाहर न निकलें।
  • ओआरएस और तरल पदार्थों का सेवन: शरीर में पानी की कमी न होने दें। नींबू पानी, मठ्ठा, लस्सी और ओआरएस के घोल का लगातार इस्तेमाल करें।
  • सूती कपड़े पहनें: बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढककर रखें और हल्के रंग के सूती कपड़े ही पहनें।
  • बेजुबानों का रखें ख्याल : इस जानलेवा गर्मी में अपनी छतों और दरवाजों पर पशु-पक्षियों के लिए पानी और दाने का इंतजाम जरूर करें।


छह दिन का पूर्वानुमान
दिन       न्यूनतम अधिकतम

25 मई - 32.6             46.1
26 मई - 30.7             45.8
27 मई - 30.8             46.5
28 मई - 31.1             46.5
29 मई - 27.9             43.2
30 मई - 27.5             40.1
नोट : 29 व 30 मई को बादल छाने, हल्की बारिश व आंधी की भी संभावना जताई गई है, जिससे नौतपा में तापमान गिर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed