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Hathras News: खरीद-बिक्री के ब्योरे में अंतर पर कारोबारियों को नोटिस जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 01 May 2026 01:42 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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जनपद के कारोबारियों को एक बार फिर जीएसटी विभाग की सख्ती का सामना करना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान खरीद और बिक्री के ब्योरे में अंतर पाए जाने पर विभाग ने पहले चरण में करीब 150 व्यापारियों को नोटिस जारी किए हैं, जबकि आने वाले दिनों में इनकी संख्या और बढ़ेगी, क्योंकि अब सहायक आयुक्त व उपायुक्त की ओर से भी नोटिस जारी किए जाएंगे।
विभाग की ओर से ये नोटिस एएसएमटी-10 के तहत जारी किए जा रहे हैं, जिनमें कारोबारियों से उनके जीएसटी रिटर्न में पाए गए अंतर के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो आगे डीआरसी-1 नोटिस जारी किए जाएंगे, जिसके तहत कर, ब्याज और जुर्माना लगाया जा सकता है।
जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई से कर अनुपालन को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन छोटी-छोटी त्रुटियों पर नोटिस जारी होने से व्यापारियों में असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है। राज्य कर विभाग के उपायुक्त आरके सिंह ने बताया कि नोटिस जारी होना शुरू कर दिया गया है। समय के अंतर्गत ही जवाब देना होगा।
छोटी त्रुटियों पर भी कार्रवाई से बढ़ी चिंता
व्यापारियों का कहना है कि कई मामलों में मामूली तकनीकी त्रुटियों या आंकड़ों के मिलान में अंतर के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। इससे छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, क्योंकि जवाब तैयार करने में समय और संसाधन दोनों खर्च हो रहे हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
वरिष्ठ कर अधिवक्ता गिरीश शर्मा ने बताया कि कारोबारियों को इन नोटिसों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय में सही और पूर्ण जानकारी के साथ जवाब देना चाहिए। इससे आगे की सख्त कार्रवाई से बचा जा सकता है।
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विभाग की ओर से ये नोटिस एएसएमटी-10 के तहत जारी किए जा रहे हैं, जिनमें कारोबारियों से उनके जीएसटी रिटर्न में पाए गए अंतर के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो आगे डीआरसी-1 नोटिस जारी किए जाएंगे, जिसके तहत कर, ब्याज और जुर्माना लगाया जा सकता है।
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जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई से कर अनुपालन को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन छोटी-छोटी त्रुटियों पर नोटिस जारी होने से व्यापारियों में असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है। राज्य कर विभाग के उपायुक्त आरके सिंह ने बताया कि नोटिस जारी होना शुरू कर दिया गया है। समय के अंतर्गत ही जवाब देना होगा।
छोटी त्रुटियों पर भी कार्रवाई से बढ़ी चिंता
व्यापारियों का कहना है कि कई मामलों में मामूली तकनीकी त्रुटियों या आंकड़ों के मिलान में अंतर के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। इससे छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, क्योंकि जवाब तैयार करने में समय और संसाधन दोनों खर्च हो रहे हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
वरिष्ठ कर अधिवक्ता गिरीश शर्मा ने बताया कि कारोबारियों को इन नोटिसों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय में सही और पूर्ण जानकारी के साथ जवाब देना चाहिए। इससे आगे की सख्त कार्रवाई से बचा जा सकता है।
