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Hathras News: पेंसिल बॉक्स, टिफिन, पानी की बोतल पर महंगाई की मार
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:10 AM IST
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शहर की एक दुकान पर बिकते स्कूल बैग व अन्य सामान। संवाद
- फोटो : Samvad
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नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही जहां अभिभावक बच्चों के एडमिशन और किताबों के खर्च से जूझ रहे हैं, वहीं अब स्कूलों में बच्चों के उपयोग के सामान पर भी महंगाई का साया नजर आ रहा है। पेंसिल बॉक्स, टिफिन, पानी की बोतल और स्कूल बैग के दामों में बढ़ोतरी से अभिभावकों का बजट और बिगड़ गया है।
व्यापारियों के अनुसार खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण प्लास्टिक के कच्चे माल यानी दानों की कीमतों में इजाफा हुआ है। चूंकि अधिकतर स्कूली सामान प्लास्टिक से ही बनता है, इसलिए इसका सीधा असर बाजार में देखने को मिल रहा है। जो पेंसिल बॉक्स पहले 30 से 100 रुपये का था, वह अब 40 से 120 रुपये में बिक रहा है। स्कूल बैग करीब 10 फीसदी तक महंगे हो गए हैं।
पहले ही किताब, यूनिफॉर्म और फीस के बढ़ते खर्च से परेशान अभिभावकों के लिए यह अतिरिक्त खर्च चिंता का कारण बन गया है। खासकर जिनके एक से अधिक बच्चे हैं, उनके लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
कारोबारियों का कहना है कि यदि कच्चे माल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में स्कूली सामान और महंगा हो सकता है। नए सत्र में बच्चों के स्कूली सामान पर बढ़ी कीमतों ने अभिभावकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। महंगाई का असर अब हर छोटे-बड़े खर्च पर साफ दिखाई दे रहा है।
प्लास्टिक के दाम बढ़ने से सभी सामान की लागत बढ़ गई है। हमें भी मजबूरी में कीमत बढ़ानी पड़ी है। ग्राहक कीमत सुनकर थोड़ा झिझक रहे हैं, लेकिन जरूरत होने के कारण खरीदारी कर ही रहे हैं।
-मयंक गुप्ता, दुकानदार
इस बार लगभग सभी स्कूली सामान 10 फीसदी तक महंगे हुए हैं। खासकर पेंसिल बॉक्स और पानी की बोतलों में ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। स्टॉक भी महंगे दाम पर आ रहा है।
-रामकुमार वार्ष्णेय, दुकानदार
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व्यापारियों के अनुसार खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण प्लास्टिक के कच्चे माल यानी दानों की कीमतों में इजाफा हुआ है। चूंकि अधिकतर स्कूली सामान प्लास्टिक से ही बनता है, इसलिए इसका सीधा असर बाजार में देखने को मिल रहा है। जो पेंसिल बॉक्स पहले 30 से 100 रुपये का था, वह अब 40 से 120 रुपये में बिक रहा है। स्कूल बैग करीब 10 फीसदी तक महंगे हो गए हैं।
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पहले ही किताब, यूनिफॉर्म और फीस के बढ़ते खर्च से परेशान अभिभावकों के लिए यह अतिरिक्त खर्च चिंता का कारण बन गया है। खासकर जिनके एक से अधिक बच्चे हैं, उनके लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
कारोबारियों का कहना है कि यदि कच्चे माल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में स्कूली सामान और महंगा हो सकता है। नए सत्र में बच्चों के स्कूली सामान पर बढ़ी कीमतों ने अभिभावकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। महंगाई का असर अब हर छोटे-बड़े खर्च पर साफ दिखाई दे रहा है।
प्लास्टिक के दाम बढ़ने से सभी सामान की लागत बढ़ गई है। हमें भी मजबूरी में कीमत बढ़ानी पड़ी है। ग्राहक कीमत सुनकर थोड़ा झिझक रहे हैं, लेकिन जरूरत होने के कारण खरीदारी कर ही रहे हैं।
-मयंक गुप्ता, दुकानदार
इस बार लगभग सभी स्कूली सामान 10 फीसदी तक महंगे हुए हैं। खासकर पेंसिल बॉक्स और पानी की बोतलों में ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। स्टॉक भी महंगे दाम पर आ रहा है।
-रामकुमार वार्ष्णेय, दुकानदार