पुलिस भर्ती परीक्षा: 2,690 रहे अनुपस्थित, ट्रेन लेट होने से छूटी परीक्षा, सपने टूटते देख फफक पड़ीं अभ्यर्थी
कासगंज-मथुरा रेलखंड पर ट्रेनों के समय में किए गए बदलाव की जानकारी न होने के कारण बड़ी संख्या में पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके। परिणामस्वरूप करीब सवा सौ अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिल पाया और उनकी परीक्षा छूट गई।
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उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के अंतर्गत सोमवार को जनपद के 13 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, हालांकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। पहली पाली में 5,040 पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष 3,717 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 1,323 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
वहीं दूसरी पाली में भी 5,040 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 3,673 ने परीक्षा दी और 1,367 अभ्यर्थी परीक्षा छोड़ गए। दोनों पालियों को मिलाकर कुल 10,080 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 7,389 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 2,690 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए गए थे तथा अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया।
ट्रेन लेट होने से छूटी परीक्षा, फफक पड़ीं अभ्यर्थी
कासगंज-मथुरा रेलखंड पर ट्रेनों के समय में किए गए बदलाव की जानकारी न होने के कारण बड़ी संख्या में पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके। परिणामस्वरूप करीब सवा सौ अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिल पाया और उनकी परीक्षा छूट गई। दो महिला अभ्यर्थी तो परीक्षा छूटने से भावुक होकर रोने लगीं।
पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा आठ से 10 जून तक कई ट्रेनों के संचालन के समय में बदलाव किया गया है। इस क्रम में कासगंज से मथुरा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को भी पुनर्निर्धारित किया गया था। सामान्य दिनों में कासगंज से दोपहर 12:56 बजे हाथरस पहुंचने वाली ट्रेन सोमवार को करीब एक घंटा 36 मिनट की देरी से दोपहर 2:32 बजे हाथरस सिटी स्टेशन पहुंची। ट्रेन के विलंब से पहुंचने के कारण उसमें सवार अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक समय से नहीं पहुंच सके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन से उतरने के बाद कई अभ्यर्थी जल्दबाजी में परीक्षा केंद्रों की ओर दौड़े, लेकिन निर्धारित समय दोपहर 2:30 बजे निकल जाने के कारण उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। केंद्रों के बाहर कई अभ्यर्थी मायूस नजर आए।
उनका कहना था कि उन्होंने पिछले छह माह से भर्ती परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन ट्रेन के विलंब ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। अभ्यर्थियों का आरोप था कि रेलवे द्वारा समय परिवर्तन की पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। यदि उन्हें पहले से जानकारी होती तो वे वैकल्पिक व्यवस्था कर समय पर पहुंच सकते थे। रेलवे प्रशासन द्वारा पुलिस भर्ती परीक्षा के मद्देनजर कासगंज-मथुरा खंड की तीन पैसेंजर ट्रेनों और टनकपुर एक्सप्रेस को करीब एक घंटा 40 मिनट तक पुनर्निर्धारित किया गया है। हालांकि अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर समय परिवर्तन की व्यापक सूचना प्रसारित की जानी चाहिए थी। ै
आम यात्रियों ने भी झेली दिक्कत
ट्रेनों के समय में बदलाव का असर केवल परीक्षार्थियों तक सीमित नहीं रहा। हाथरस सिटी, मुरसान, रति का नगला, मेंडू और अन्य स्टेशनों से यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ लोग अपने निर्धारित कार्यों और जरूरी कार्यक्रमों में समय से नहीं पहुंच सके।
मैं अपने समय से रेलवे स्टेशन पहुंच गई थी। जब निर्धारित समय पर ट्रेन नहीं आई तो उन्होंने पता किया कि ट्रेन क्यों नहीं आ रही। पता चला कि आज एक घंटा 20 मिनट ट्रेन लेट कर दी गई है। हाथरस पहुंचने तक समय निकल गया था, हरचरनदास कन्या इंटर कालेज में प्रवेश नहीं दिया गया, सब तैयारी बेकार हो गई।-कल्पना निवासी कासगंज।
ऐनवक्त पर ट्रेनों के समय में बदलाव मेरे जैसे कई परीक्षार्थियों पर भारी पड़ा है। ट्रेन में कम से कम सवा सौ अभ्यर्थी होंगे, जिन्हें ट्रेन लेट होने के कारण परीक्षा छोड़नी पड़ी है। मैं छह माह से तैयारी कर रही थी, लेकिन अब पता नहीं कब मौका मिलेगा। कई अभ्यर्थियों की तो उम्र सीमा ही खत्म हो जाएगी। -रवीना निवासी कासगंज।