Hathras News: सिर पर भारी वस्तु से प्रहार कर पुजारी की हत्या, मंदिर पर हुई वारदात, खून से लथपथ मिला शव
धार्मिक प्रवृत्ति के चंदू लाला अविवाहित थे और अपने हिस्से की करीब छह बीघा कृषि भूमि से होने वाली आय का उपयोग धार्मिक आयोजनों में करते थे। वह गांव में कई भागवत कथाएं करा चुके थे तथा 12 जून से एक और कथा का आयोजन प्रस्तावित था, जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं।
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विस्तार
सहपऊ कस्बा के हनुमान टीला स्थित मंदिरों पर पूजा करने वाले पुजारी दिलीप उर्फ चंदू लाला (50) की हत्या कर दी गई है। रविवार रात को अज्ञात हत्यारे ने भारी वस्तु से उनके सिर पर प्रहार किया। सोमवार सुबह उनका खून से लथपथ शव एक मंदिर के बरामदे में मिला। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
मौके पर भारी भीड़ और पुलिस पहुंची। पुलिस ने पुजारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ सादाबाद जेएन अस्थाना और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर जांच पड़ताल की। सोमवार की दोपहर को पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने कोतवाली पहुंचकर जानकारी ली। उन्होंने घटना का खुलासा करने के लिए पांच टीमों का गठन किया है। मृतक दिलीप उर्फ चंदू लाला पिछले सात महीने से इन मंदिरों पर पूजा पाठ कर रहे थे। वह नगला सुखराम गांव के निवासी थे।
सीओ जेएन अस्थाना ने बताया कि पुजारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सही तथ्यों का पता चलेगा। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच में जुट गई है। अभी तक कोतवाली में किसी ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
क्षेत्र में आक्रोश
पुजारी की हत्या से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। हनुमान टीला के मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने ही सबसे पहले शव देखा था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय लोग जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस घटना से धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
नशेड़ियों से टकराव बना मौत की वजह?
सहपऊ। दिलीप उर्फ चंदू लाला की हत्या के मामले में नशा करने वाले लोगों की संलिप्तता की संभावना भी जताई जा रही है। बताया जाता है कि चंदू लाला धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और नशाखोरी का खुलकर विरोध करते थे। उन्होंने पिछले सात माह से हनुमान टीला परिसर में नशा करने अथवा नशे की हालत में आने वाले लोगों पर सख्ती से रोक लगा रखी थी। इससे पहले शाम और रात के समय यहां नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता था। ऐसे में स्थानीय लोगों का मानना है कि इस विरोध के चलते कुछ असामाजिक तत्व उनसे रंजिश रखने लगे थे।
करीबियों की भूमिका की संभावना पर भी जांच
धार्मिक प्रवृत्ति के चंदू लाला अविवाहित थे और अपने हिस्से की करीब छह बीघा कृषि भूमि से होने वाली आय का उपयोग धार्मिक आयोजनों में करते थे। वह गांव में कई भागवत कथाएं करा चुके थे तथा 12 जून से एक और कथा का आयोजन प्रस्तावित था, जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। चर्चा है कि धार्मिक कार्यों पर अधिक खर्च को लेकर कुछ परिजन असहमत थे। ऐसे में पुलिस पारिवारिक रंजिश और करीबी लोगों की भूमिका की संभावना को भी जांच के दायरे में रखे हुए है।
पुलिस की देखरेख में हुआ अंतिम संस्कार
पुजारी दिलीप उर्फ चंदू लाला का अंतिम संस्कार गांव में पुलिस की देखरेख में हुआ। पोस्टमार्टम के बाद गांव में शव पहुंचने से पहले ही काफी संख्या में पुलिस पहुंच गई थी। पुलिस को शांति व्यवस्था भंग होने की संभावना थी। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस ने चैन की सांस ली।