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Hathras News: युवाओं को नशे से बचाने में लगा दिए 26 साल
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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि के आनंदपुरी काॅलोनी स्थित सहज राजयोग केंद्र की संचालिका शांता बहन ने शनिवार को अपना 26वां समर्पण दिवस मनाया। उन्होंने कहा कि ढाई दशक से ज्यादा इस लंबी इस यात्रा में युवाओं को नशे से बचाना ही उनका सबसे बड़ा उद्देश्य रहा है, इसके लिए वे अभी तक प्रयासरत हैं। इसका सकारात्मक असर भी उन्होंने देखा है।
उन्होंने बताया कि आज वे हाथरस सहित अनेक राज्यों में संगठन की मेरा भारत-नशामुक्त भारत अभियान व सहज राजयोग दर्शन की शिक्षाओं के प्रचार में टीम के साथ सक्रिय हैं। युवाओं से हर हाल में शांत रहने और नशे से दूर रहने का आह्वान करतीं हैं।
वह कहतीं हैं कि अपने सैन्य अफसर पिता कैप्टन अहसान सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने ब्रह्माकुमारी संगठन चुना। पिता के साथ ही वह बचपन से इस संगठन की सेवाओं में समर्पित हो गईं थीं, लेकिन औपचारिक समर्पण 26 वर्ष पूर्व प्रयागराज के कुंभ मेले में हुआ था।
रामपुर केंद्र की संचालिका मीना बहन कहती हैं कि शांता दीदी ने उन्हें मां जैसा वात्सल्य दिया है। अपना जीवन चंदन की तरह महका कर वह सभी को गुणदान करती हैं। समर्पण दिवस पर शांता दीदी से प्रेरित बहनों पूजा, लक्ष्मी, सृष्टि ने भजनों पर भाव नृत्य प्रस्तुत किए। इस दौरान दुर्गेश बहन, वंदना बहन, उमा बहन, कोमल बहन आदि ने चुनरी ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर शांता बहन का सम्मान किया।
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उन्होंने बताया कि आज वे हाथरस सहित अनेक राज्यों में संगठन की मेरा भारत-नशामुक्त भारत अभियान व सहज राजयोग दर्शन की शिक्षाओं के प्रचार में टीम के साथ सक्रिय हैं। युवाओं से हर हाल में शांत रहने और नशे से दूर रहने का आह्वान करतीं हैं।
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वह कहतीं हैं कि अपने सैन्य अफसर पिता कैप्टन अहसान सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने ब्रह्माकुमारी संगठन चुना। पिता के साथ ही वह बचपन से इस संगठन की सेवाओं में समर्पित हो गईं थीं, लेकिन औपचारिक समर्पण 26 वर्ष पूर्व प्रयागराज के कुंभ मेले में हुआ था।
रामपुर केंद्र की संचालिका मीना बहन कहती हैं कि शांता दीदी ने उन्हें मां जैसा वात्सल्य दिया है। अपना जीवन चंदन की तरह महका कर वह सभी को गुणदान करती हैं। समर्पण दिवस पर शांता दीदी से प्रेरित बहनों पूजा, लक्ष्मी, सृष्टि ने भजनों पर भाव नृत्य प्रस्तुत किए। इस दौरान दुर्गेश बहन, वंदना बहन, उमा बहन, कोमल बहन आदि ने चुनरी ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर शांता बहन का सम्मान किया।
