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हाथरस सत्संग हादसा: कोर्ट में दर्ज हुई 34वें गवाह दरोगा की गवाही, दो साल पहले हादसे में हुई थी 121 की मौत
Fri, 24 Jul 2026 12:16 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:16 PM IST
सार
सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में भीषण सत्संग हादसे में इंसाफ की लड़ाई न्यायालय में लगातार जारी है। 2 जुलाई 2024 को साकार विश्व हरि भोले बाबा के सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 121 मासूम जिंदगियों की मौत हो गई थी।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में दो साल पहले भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत के मामले में न्यायालय में सुनवाई जारी है। बृहस्पतिवार को एडीजे एफटीसी प्रथम में 34वें गवाह के रूप में एसआई सत्यवीर सिंह के बयान दर्ज किए गए।
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वर्तमान में आगरा जिले के थाना बरहन में तैनात एसआई सत्यवीर सिंह ने अदालत के समक्ष दिए बयान में बताया कि तीन जुलाई 2024 को वह आगरा के थाना नाई की मंडी में बतौर प्रशिक्षु उपनिरीक्षक तैनात थे। वे पंचनामा की कार्यवाही के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा की मोर्चरी गए थे। उन्होंने अदालत को बताया कि मोर्चरी के बाहर स्ट्रेचर पर रखे मंजू पत्नी शैलेंद्र निवासी सिकंदराराऊ के शव का महिला कांस्टेबल शालू त्रिपाठी के साथ उन्होंने निरीक्षण किया था। परिजनों की मौजूदगी में पंचनामा भरा गया।
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अदालत में बचाव पक्ष की जिरह के दौरान एसआई ने स्पष्ट किया कि शव की पहचान के बाद पंचनामा की पूरी कार्यवाही में लगभग एक घंटे का समय लगा था। यह उनके सेवा काल का पहला पंचनामा था, क्योंकि वे उस समय प्रशिक्षु एसआई के पद पर थे। बचाव पक्ष द्वारा पुलिस की फर्जी कारगुजारी या झूठी गवाही देने के आरोपों को उन्होंने पूरी तरह से गलत और निराधार बताया।
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