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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   The stage set for good governance, security, and cultural nationalism

Hathras News: सुशासन, सुरक्षा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बिछाई बिसात

Mon, 29 Jun 2026 01:57 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 01:57 AM IST
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The stage set for good governance, security, and cultural nationalism
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री को सम्मनित करते डीएम, एसपी। - फोटो : samvad
प्रशांत भारती
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मुख्यमंत्री ने हाथरस की धरती से करीब 550 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात देकर सीधे तौर पर चुनावी शंखनाद कर दिया है। हाथरस, सादाबाद और सिकंदराराऊ विधानसभा क्षेत्रों को साधते हुए उन्होंने सुशासन, सुरक्षा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को अपने संबोधन का केंद्र बनाया। भाषण के जरिये उन्होंने विपक्ष के सामाजिक न्याय और संविधान के नैरेटिव का जवाब देने की कोशिश की।

योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में 2017 से पहले के दंगों (मथुरा, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़) की याद दिलाकर कानून-व्यवस्था को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया है। मुहर्रम के दौरान 12 हजार शांतिपूर्ण जुलूसों का हवाला देकर उन्होंने कड़ा संदेश दिया कि अब तुष्टिकरण की राजनीति नहीं चलेगी। ताजिया की ऊंचाई को लेकर कड़े नियम और झोपड़ियों व हाईटेंशन लाइनों की सुरक्षा की बात कहकर उन्होंने सबका साथ-सबका विकास के नारे को जमीन पर दिखाने की कोशिश की।
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने वाले हालिया बयान पर सीएम योगी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने रामभक्तों पर गोली चलने के काले इतिहास को कुरेदकर सीधे हिंदू अस्मिता को हवा दी। इसके साथ ही कृष्ण जन्मभूमि (मथुरा-वृंदावन) की मुक्ति और सम्मान पर विपक्ष से स्पष्ट राय मांगकर उन्होंने 2027 के लिए एक बड़ा सांस्कृतिक एजेंडा सेट कर दिया है।
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हाथरस के 22 से अधिक मंदिरों का सुंदरीकरण और पूर्ववर्ती सरकारों में कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल पर होने वाले खर्च की तुलना कर उन्होंने साफ कर दिया कि भाजपा अपनी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की पिच पर ही मैच खेलेगी। चुनाव जीतने के लिए केवल नैरेटिव नहीं, जमीनी अर्थव्यवस्था भी जरूरी है।


सीएम ने आगरा में इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर और वाराणसी में राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट का जिक्र कर आलू किसानों की दुखती रग पर हाथ रखा। हाथरस की हींग और गुड़ को नई पहचान देने, सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर एम्प्लॉयमेंट जोन बनाने और प्रोसेसिंग सेंटर्स की स्थापना की घोषणा सीधे तौर पर स्थानीय युवाओं और किसानों को जोड़ने की कोशिश है। संवाद
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