{"_id":"69615c9cd5459d133701a53b","slug":"there-is-no-guarantee-of-purity-of-drinking-water-even-in-slums-hathras-news-c-56-1-hts1004-142992-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: मलिन बस्तियों में भी पेयजल की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: मलिन बस्तियों में भी पेयजल की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:23 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर की मलिन बस्तियों के लोग शुद्ध पेयजल के लिए पूरी तरह नगर पालिका पर निर्भर हैं, लेकिन यहां अभी तक नालियों के पास से कनेक्शन नहीं हटाए जा सके हैं। ऐसे में इन बस्तियों में पेयजल शुद्ध है या नहीं, यह कहना मुश्किल है।
नगर की अधिकांश मलिन बस्तियों में जगह के अभाव व आर्थिक तंगी के कारण लोगों के पास निजी सबमर्सिबल पंप या हैंडपंप नहीं हैं। पूरी बस्ती नगर पालिका द्वारा आपूर्ति किए जाने वाले पानी के भरोसे है। ऐसे में इंदौर की घटना ने यहां के लोगों को चिंता में डाल दिया है। इनमें प्रमुख रूप से लाला का नगला, नाई का नगला, मोहल्ला कैलाश नगर व श्रीनगर, विष्णुपुरी, मोहल्ला नई दिल्ली, खंदारी गढ़ी, नगला तुंदला आदि इलाके हैं।
पालिका में लगातार इन इलाकों की शिकायत पहुंच रही हैं, लेकिन टीम अभी तक वहां नहीं पहुंच सकी है। बस्तियों में आपूर्ति होने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर भी लोगों के मन में भारी डर है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नल से आने वाला पानी दिखने में भले ही साफ लगता हो, लेकिन पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों के कारण बीच-बीच में गंदा पानी आ जाता है। कुछ लोग पानी को उबाल कर पीते हैं, जिससे संभावित खतरे से बचा जा सके। फिर भी हजारों परिवार अभी भी इसी पानी को पी रहे हैं। इन इलाकों में पुराने कनेक्शन नालियों से होकर ही गुजर रहे हैं।
मुनादी कराई, नंबर लिखवाए
नगर पालिका लीकेज की जानकारी प्राप्त करने के लिए शहर में लगातार मुनादी करा रही है। साथ ही जल संचयन के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। गंदा पानी या लीकेज की शिकायत के लिए 1533 टोल फ्री नंबर का प्रचार किया जा रहा है। शुक्रवार को सभी नलकूप स्टेशनों पर जलकल विभाग अधिकारी व कर्मचारियों के नंबर लिखवाए गए हैं, जिससे लोग सूचना दे सकें।
इनका कहना है
स्टॉफ के अभाव के कारण अभी मलिन बस्तियों में टीम नहीं पहुंच सकी है। शुक्रवार को भी पांच कनेक्शन ठीक कराए गए हैं। टीमों को टेस्ट किट दी गई हैं, जो क्लोरीन की मात्रा की जांच कर रही हैं। हर शिकायत पर मौके पर पहुुंचा जा रहा है।
हर्षवर्धन, जेई जलकल विभाग
Trending Videos
नगर की अधिकांश मलिन बस्तियों में जगह के अभाव व आर्थिक तंगी के कारण लोगों के पास निजी सबमर्सिबल पंप या हैंडपंप नहीं हैं। पूरी बस्ती नगर पालिका द्वारा आपूर्ति किए जाने वाले पानी के भरोसे है। ऐसे में इंदौर की घटना ने यहां के लोगों को चिंता में डाल दिया है। इनमें प्रमुख रूप से लाला का नगला, नाई का नगला, मोहल्ला कैलाश नगर व श्रीनगर, विष्णुपुरी, मोहल्ला नई दिल्ली, खंदारी गढ़ी, नगला तुंदला आदि इलाके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पालिका में लगातार इन इलाकों की शिकायत पहुंच रही हैं, लेकिन टीम अभी तक वहां नहीं पहुंच सकी है। बस्तियों में आपूर्ति होने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर भी लोगों के मन में भारी डर है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नल से आने वाला पानी दिखने में भले ही साफ लगता हो, लेकिन पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों के कारण बीच-बीच में गंदा पानी आ जाता है। कुछ लोग पानी को उबाल कर पीते हैं, जिससे संभावित खतरे से बचा जा सके। फिर भी हजारों परिवार अभी भी इसी पानी को पी रहे हैं। इन इलाकों में पुराने कनेक्शन नालियों से होकर ही गुजर रहे हैं।
मुनादी कराई, नंबर लिखवाए
नगर पालिका लीकेज की जानकारी प्राप्त करने के लिए शहर में लगातार मुनादी करा रही है। साथ ही जल संचयन के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। गंदा पानी या लीकेज की शिकायत के लिए 1533 टोल फ्री नंबर का प्रचार किया जा रहा है। शुक्रवार को सभी नलकूप स्टेशनों पर जलकल विभाग अधिकारी व कर्मचारियों के नंबर लिखवाए गए हैं, जिससे लोग सूचना दे सकें।
इनका कहना है
स्टॉफ के अभाव के कारण अभी मलिन बस्तियों में टीम नहीं पहुंच सकी है। शुक्रवार को भी पांच कनेक्शन ठीक कराए गए हैं। टीमों को टेस्ट किट दी गई हैं, जो क्लोरीन की मात्रा की जांच कर रही हैं। हर शिकायत पर मौके पर पहुुंचा जा रहा है।
हर्षवर्धन, जेई जलकल विभाग