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Hathras News: पानी डालकर ठंडे किए जा रहे उपकेंद्रों के ट्रांसफॉर्मर
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:51 AM IST
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सादाबाद में ट्रांसफॉर्मर पर पानी डालता विद्युत कर्मचारी। स्रोत : विद्युत निगम
- फोटो : Self
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अत्यधिक तापमान के कारण ट्रांसफॉर्मरों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे उनके ट्रिप होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए विद्युत निगम के कर्मचारी उपकेंद्रों पर ट्रांसफॉर्मरों को ठंडा रखने के प्रयास में जुटे हैं। इसके लिए ट्रांसफॉर्मरों पर पानी डाला जा रहा है।
सादाबाद, सहपऊ, गीगला, मई, बिसावर, उघई, एदलपुर, रसमई और गुतहरा सहित कई विद्युत उपकेंद्रों पर सबमर्सिबल पंप चलाकर ट्रांसफॉर्मरों पर पानी डाला जा रहा है, जिससे उनके तापमान को संतुलित रखने में मदद मिल रही है और ट्रिपिंग की समस्या को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
तकनीकी रूप से प्रत्येक ट्रांसफॉर्मर का एक निर्धारित तापमान स्तर होता है। इस सीमा से अधिक तापमान होने पर ट्रांसफॉर्मर में खराबी या नुकसान की आशंका बढ़ जाती है, जिससे आपूर्ति बाधित हो सकती है। अवर अभियंता अजय कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग भी बढ़ गई है, जिससे ट्रांसफॉर्मरों पर अतिरिक्त लोड पड़ रहा है। ऐसे में समय-समय पर कूलिंग की व्यवस्था करना जरूरी हो गया है।
ट्रांसफॉर्मरों को ठंडा रखने की यह व्यवस्था राहत देने वाली साबित हो रही है। इससे ट्रांसफॉर्मरों को नुकसान से बचाया जा सकता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे अनावश्यक बिजली उपयोग से बचें और जरूरत के अनुसार ही उपकरणों का इस्तेमाल करें, ताकि बिजली व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे और सभी को पर्याप्त आपूर्ति मिल सके।
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तकनीकी रूप से प्रत्येक ट्रांसफॉर्मर का एक निर्धारित तापमान स्तर होता है। इस सीमा से अधिक तापमान होने पर ट्रांसफॉर्मर में खराबी या नुकसान की आशंका बढ़ जाती है, जिससे आपूर्ति बाधित हो सकती है। अवर अभियंता अजय कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग भी बढ़ गई है, जिससे ट्रांसफॉर्मरों पर अतिरिक्त लोड पड़ रहा है। ऐसे में समय-समय पर कूलिंग की व्यवस्था करना जरूरी हो गया है।
ट्रांसफॉर्मरों को ठंडा रखने की यह व्यवस्था राहत देने वाली साबित हो रही है। इससे ट्रांसफॉर्मरों को नुकसान से बचाया जा सकता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे अनावश्यक बिजली उपयोग से बचें और जरूरत के अनुसार ही उपकरणों का इस्तेमाल करें, ताकि बिजली व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे और सभी को पर्याप्त आपूर्ति मिल सके।

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