पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   500 villagers from Sei travel 7 km every month for rations.

Jalaun News: राशन के लिए हर माह सात किमी की दौड़ लगाते सेई के 500 ग्रामीण

Wed, 01 Jul 2026 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:54 PM IST
विज्ञापन
500 villagers from Sei travel 7 km every month for rations.
फोटो -05 सतीश चंद्र
उरई। खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को गांव-गांव तक पहुंचाने के सरकारी दावों के बीच डकोर विकासखंड की ग्राम पंचायत सेवड़ी के मजरा सेई के ग्रामीण पिछले सात वर्षों से राशन के लिए भटकने को मजबूर हैं। गांव में उचित दर की दुकान न होने के कारण करीब 500 लोगों को हर महीने सात किलोमीटर दूर सेवड़ी जाकर राशन लेना पड़ता है। कई बार मशीन में नेटवर्क न आने से ग्रामीणों को खाली हाथ लौटना पड़ता है और दोबारा चक्कर लगाने पड़ते हैं।
विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कोटा न होने से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूर वर्ग को उठानी पड़ रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। राशन लेकर लौटते समय खाद्यान्न भीगने का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन


ग्रामीण महाराज सिंह, जगमोहन, अरुण कुमार, रघुनाथ, नरेंद्र कुमार और भानू प्रताप ने बताया कि ग्राम पंचायत सेवड़ी के अंतर्गत भिटारा, सेई और सेवड़ी गांव आते हैं। पहले भिटारा गांव में राशन की दुकान संचालित होती थी, जिससे सेई के लोगों को भी सुविधा मिलती थी, लेकिन करीब सात वर्ष पूर्व व्यवस्था बदलने के बाद उन्हें सेवड़ी से राशन लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गांव में कोटा खोले जाने की मांग की, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले। समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।








भैपता के 1500 ग्रामीणों को दो किलोमीटर का सफर

कोंच विकासखंड के भैपता गांव में भी राशन दुकान नहीं है। गांव की आबादी करीब 1500 बताई जाती है। यहां के कार्डधारकों को राशन लेने के लिए लगभग दो किलोमीटर दूर कमतरी गांव जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही आर्थिक तंगी और मजदूरी की मजबूरी के बीच राशन लेने के लिए अलग से समय निकालना पड़ता है। बुजुर्ग और महिलाएं अक्सर दूसरे लोगों की मदद से राशन मंगाने को विवश रहती हैं।

बरोदा कला के ग्रामीण डेढ़ किलोमीटर दूर चमेड़ से ले रहे राशन

ग्राम बरोदा कला में घटतौली के विवाद के बाद राशन दुकान की जांच हुई थी। जांच के उपरांत दुकान को ग्राम चमेड़ से संबद्ध कर दिया गया। इसके बाद बरोदा कला के ग्रामीणों को राशन लेने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चमेड़ जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव में ही राशन मिलने से सुविधा रहती थी, लेकिन अब दूर जाने के कारण समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। मजदूरी करने वाले लोगों को कई बार काम छोड़कर राशन लेने जाना पड़ता है।

बोहरा गांव में कोटेदार के निधन के बाद बदली व्यवस्था

विकासखंड कोंच के बोहरा गांव में कोटेदार विद्या देवी के निधन के बाद राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने गांव की उचित दर दुकान को अस्थायी रूप से ग्राम कुड़ा की राशन दुकान से संबद्ध कर दिया। प्रशासन का कहना है कि पात्र उपभोक्ताओं को खाद्यान्न वितरण में कोई बाधा न आए, इसलिए यह व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें दूसरे गांव जाकर राशन लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त परेशानी हो रही है।




बोले ग्रामीण

फोटो -05 सतीश चंद्र
पिछले कई वर्षों से राशन लेने सेवड़ी जाना पड़ता है। आने-जाने में समय और पैसा दोनों खर्च होता है। गांव में ही कोटा खुलना चाहिए, न होने से परेशान होना पड़ रहा है। - सतीश चंद्र।

फोटो - 06 मंगल सिंह।
मशीन में नेटवर्क न आने से कई बार बिना राशन लिए वापस लौटना पड़ता है। एक राशन के लिए दो-दो चक्कर लगाने पड़ते हैं। लेकिन इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।


वर्जन
जहां राशन दुकानें किसी कारणवश बंद हैं, उन्हें संबध कर दिया है। वहां नियुक्ति की जल्द ही प्रक्रिया की जा रही है। इससे लोगों को परेशान न होना पड़े। - राजीव शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी।

फोटो -05 सतीश चंद्र

फोटो -05 सतीश चंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed