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Jalaun News: इंस्पेक्टर अरुण राय हत्याकांड में 383 पेज की चार्जशीट दाखिल, 38 गवाहों के बयान शामिल
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उरई। जिले के कुठौंद थाना परिसर में हुए इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड में पुलिस ने 383 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। चार्जशीट में महिला सिपाही मीनाक्षी को हत्या का आरोपी बताया गया है।
पुलिस की चार्जशीट में इस मामले से जुड़े 38 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। इनमें पुलिसकर्मी, थाना स्टाफ और अन्य प्रत्यक्षदर्शी शामिल हैं। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी अहम साक्ष्य के रूप में पेश किया गया है। चार्जशीट के मुताबिक 5 दिसंबर 2025 की रात करीब 9:17 बजे कुठौंद थाना परिसर में इंस्पेक्टर अरुण राय को उनकी ही सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारी गई थी। गोली उनके सिर के आर-पार निकल गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जांच में इंस्पेक्टर के सिर के ऊपरी हिस्से में गहरा घाव और गोली लगने के निशान मिलने का भी जिक्र किया गया है।
पुलिस का दावा है कि घटना के समय महिला सिपाही मीनाक्षी मौके पर मौजूद थी। गोली चलने के बाद वह चीखते हुए कमरे से बाहर आई और बाद में वहां से भागती हुई सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। घटना के अगले दिन 6 दिसंबर को इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने महिला सिपाही मीनाक्षी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया।
पुलिस ने 6 मार्च 2026 को इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसे 9 मार्च को अदालत ने स्वीकार कर लिया। जांच के दौरान इंस्पेक्टर अरुण राय का एक सुसाइड नोट भी मिला था, जो उनकी मौत से करीब आठ दिन पहले यानी 27 नवंबर 2025 का बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि यह नोट पुराना होने के कारण घटना को सीधे आत्महत्या से जोड़ना उचित नहीं है और जांच में हत्या के साक्ष्य सामने आए हैं।
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पुलिस की चार्जशीट में इस मामले से जुड़े 38 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। इनमें पुलिसकर्मी, थाना स्टाफ और अन्य प्रत्यक्षदर्शी शामिल हैं। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी अहम साक्ष्य के रूप में पेश किया गया है। चार्जशीट के मुताबिक 5 दिसंबर 2025 की रात करीब 9:17 बजे कुठौंद थाना परिसर में इंस्पेक्टर अरुण राय को उनकी ही सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारी गई थी। गोली उनके सिर के आर-पार निकल गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जांच में इंस्पेक्टर के सिर के ऊपरी हिस्से में गहरा घाव और गोली लगने के निशान मिलने का भी जिक्र किया गया है।
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पुलिस का दावा है कि घटना के समय महिला सिपाही मीनाक्षी मौके पर मौजूद थी। गोली चलने के बाद वह चीखते हुए कमरे से बाहर आई और बाद में वहां से भागती हुई सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। घटना के अगले दिन 6 दिसंबर को इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने महिला सिपाही मीनाक्षी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया।
पुलिस ने 6 मार्च 2026 को इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसे 9 मार्च को अदालत ने स्वीकार कर लिया। जांच के दौरान इंस्पेक्टर अरुण राय का एक सुसाइड नोट भी मिला था, जो उनकी मौत से करीब आठ दिन पहले यानी 27 नवंबर 2025 का बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि यह नोट पुराना होने के कारण घटना को सीधे आत्महत्या से जोड़ना उचित नहीं है और जांच में हत्या के साक्ष्य सामने आए हैं।