{"_id":"6a6baad89a1c9ae0da04fb84","slug":"a-haryana-businessman-was-murdered-over-a-love-affair-and-a-land-dispute-orai-news-c-224-1-ori1005-147538-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: प्रेम संबंध और जमीन विवाद में की गई हरियाणा के कारोबारी की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: प्रेम संबंध और जमीन विवाद में की गई हरियाणा के कारोबारी की हत्या
विज्ञापन
फोटो - 21 पुलिस गिरफ्त में आरोपी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई। तीन महीने पहले उरई कोतवाली क्षेत्र में हुए हरियाणा के कारोबारी के अपहरण और हत्या की वारदात प्रेम संबंध और करोड़ों की जमीन की लालच में की गई थी। पुलिस ने मामले में 50 हजार के इनामी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कारोबारी की अधजली हड्डियां भी बरामद की हैं। पुलिस फरार मुख्य आरोपी और उसके तीन साथियों की तलाश कर रही है। दरअसल, अपहरणकर्ता को छुड़ाने जा रही कार हादसे का शिकार हो गई थी, इसमें चार पुलिस कर्मियों समेत वादी की मौत हो गई थी।
पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए एसपी विनय कुमार सिंह ने बताया कि चार मई 2026 की सुबह हरियाणा के जींद निवासी कारोबारी विजेंद्र मोर (52) का रिनिया गांव स्थित ट्यूबवेल से अपहरण कर लिया गया था। आरोपी उसे क्रेटा कार से ले गए और बाद में उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के कुपरा जंगल में ले जाकर करीब 40 लीटर डीजल डालकर जला दिया गया, ताकि पहचान और अन्य साक्ष्य पूरी तरह नष्ट हो जाएं।
दूसरे दिन विजेंद्र के मौसेरे भाई पंजाब के जिला संगरूर थाना मूनक के बसेरा गांव निवासी अमरीक ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद अपहरणकर्ताओं को छुड़ाने के लिए टीम जींद जा रही थी। हादसे में नूंह के तावड़ू के पास कार हादसा हो गया था। इसमें तत्कालीन चौकी इंचार्ज मोहित यादव, दरोगा सत्यभान सिंह, सिपाही अशोक, प्रदीप व वादी अमरीक की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस चर्चित मामले ने मई माह में पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था।
विज्ञापन
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस वारदात की साजिश पहले से रची गई थी। पुलिस के मुताबिक, घटना से करीब 15 दिन पहले मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी ने रिनिया फाटक के पास पहुंचकर रेकी की थी। इसके बाद छह लोगों ने कारोबारी का अपहरण कर हत्या को अंजाम दिया गया।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि विजेंद्र के सपना रानी से पहले संबंध थे। बाद में सपना ने मोहित मलिक से शादी कर ली थी। इससे विजेंद्र मोर नाराज रहता था और दोनों को जान से मारने की धमकी देता था। दूसरी ओर विजेंद्र का हरियाणा के आजाद सरपंच से करोड़ों रुपये के जमीन सौदे को लेकर भी विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार करीब पांच करोड़ रुपये में हुई जमीन की डील में विजेंद्र को केवल एक करोड़ रुपये मिले थे, जबकि शेष रकम नहीं दी गई थी। इसी विवाद और रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई। पुलिस का दावा है कि आजाद सरपंच ने दंपती और तीन लोगों को लालच देकर इस वारदात में शामिल किया था।
मामले में पहले से नामजद कई आरोपियों पर झांसी परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसी क्रम में उरई कोतवाली पुलिस ने 29 जुलाई को जालौन जिले के कदौरा थाना क्षेत्र स्थित चितैला फार्म हाउस के पास से इनामी आरोपी मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने हमीरपुर जिले के जंगल से विजेंद्र की अधजली हड्डियां और शव पर लपेटी गई चादर का टुकड़ा बरामद कर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई पूरी कराई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम अब इस हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस बहुचर्चित हत्याकांड की पूरी साजिश और उसके सभी पहलुओं का खुलासा किया जाएगा।
विज्ञापन
पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए एसपी विनय कुमार सिंह ने बताया कि चार मई 2026 की सुबह हरियाणा के जींद निवासी कारोबारी विजेंद्र मोर (52) का रिनिया गांव स्थित ट्यूबवेल से अपहरण कर लिया गया था। आरोपी उसे क्रेटा कार से ले गए और बाद में उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के कुपरा जंगल में ले जाकर करीब 40 लीटर डीजल डालकर जला दिया गया, ताकि पहचान और अन्य साक्ष्य पूरी तरह नष्ट हो जाएं।
विज्ञापन
दूसरे दिन विजेंद्र के मौसेरे भाई पंजाब के जिला संगरूर थाना मूनक के बसेरा गांव निवासी अमरीक ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद अपहरणकर्ताओं को छुड़ाने के लिए टीम जींद जा रही थी। हादसे में नूंह के तावड़ू के पास कार हादसा हो गया था। इसमें तत्कालीन चौकी इंचार्ज मोहित यादव, दरोगा सत्यभान सिंह, सिपाही अशोक, प्रदीप व वादी अमरीक की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस चर्चित मामले ने मई माह में पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था।
विज्ञापन
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस वारदात की साजिश पहले से रची गई थी। पुलिस के मुताबिक, घटना से करीब 15 दिन पहले मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी ने रिनिया फाटक के पास पहुंचकर रेकी की थी। इसके बाद छह लोगों ने कारोबारी का अपहरण कर हत्या को अंजाम दिया गया।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि विजेंद्र के सपना रानी से पहले संबंध थे। बाद में सपना ने मोहित मलिक से शादी कर ली थी। इससे विजेंद्र मोर नाराज रहता था और दोनों को जान से मारने की धमकी देता था। दूसरी ओर विजेंद्र का हरियाणा के आजाद सरपंच से करोड़ों रुपये के जमीन सौदे को लेकर भी विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार करीब पांच करोड़ रुपये में हुई जमीन की डील में विजेंद्र को केवल एक करोड़ रुपये मिले थे, जबकि शेष रकम नहीं दी गई थी। इसी विवाद और रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई। पुलिस का दावा है कि आजाद सरपंच ने दंपती और तीन लोगों को लालच देकर इस वारदात में शामिल किया था।
मामले में पहले से नामजद कई आरोपियों पर झांसी परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसी क्रम में उरई कोतवाली पुलिस ने 29 जुलाई को जालौन जिले के कदौरा थाना क्षेत्र स्थित चितैला फार्म हाउस के पास से इनामी आरोपी मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने हमीरपुर जिले के जंगल से विजेंद्र की अधजली हड्डियां और शव पर लपेटी गई चादर का टुकड़ा बरामद कर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई पूरी कराई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम अब इस हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस बहुचर्चित हत्याकांड की पूरी साजिश और उसके सभी पहलुओं का खुलासा किया जाएगा।

फोटो - 21 पुलिस गिरफ्त में आरोपी। संवाद