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Jalaun News: रिंकू सिंह राही ने लिखा, शुरुआती जांच में मिलीं कई खामियां
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उरई। नगर पालिका जांच समिति के अध्यक्ष का पत्र मिलने के बाद भले ही एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही जांच से हट गए हों, लेकिन उन्होंने बुधवार को हुई जांच का अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किया। एसडीएम न्यायिक ऑफिशियल पेज पर उन्होंने अभिलेख उपलब्ध कराने में असहयोग, कर्मचारियों की अनुपस्थिति और रिकॉर्ड में प्रथम दृष्टया कई खामियां मिलने का दावा किया।
राही ने लिखा कि 29 जुलाई को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अभिलेख प्राप्त करने की कार्रवाई की गई, लेकिन पर्याप्त अवसर देने के बावजूद अधिशासी अधिकारी का रवैया नकारात्मक रहा और सभी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए। उनका कहना है कि मीडिया की मौजूदगी और लाइव प्रसारण के कारण कोई प्रत्यक्ष बाधा नहीं आई।
उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान पुलिस बल पर्याप्त नहीं था और कुछ पुलिस अधिकारियों ने दस्तावेज स्कैन कर रहे ऑपरेटरों पर दबाव बनाने का प्रयास किया। सरकारी सहयोग न मिलने पर कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों की मदद से रिकॉर्ड स्कैन कराया गया। एक ऑपरेटर का कार्य संतोषजनक न मिलने पर उसका मोबाइल जब्त कर उसे हटा दिया गया। गोपनीय अभिलेखों की स्कैनिंग नहीं कराई गई और मोबाइल का डेटा सुरक्षित रखने के बाद उसे फॉर्मेट करा दिया गया।
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राही के अनुसार अधिकांश कर्मचारी उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बावजूद कार्यालय में नहीं मिले। जिन अनुभागों में अनियमितताओं की शिकायतें हैं, वे बंद मिले। लेखा अनुभाग में कुछ दस्तावेज स्कैन होने के बाद काम रुकवा दिया गया और कक्ष में ताला लगा दिया गया। जन्म-मृत्यु अनुभाग का रिकॉर्ड भी पूरा नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि प्रारंभिक जांच में कई पुराने रिकॉर्ड एक साथ जल्दबाजी में तैयार किए गए प्रतीत हुए और रैंडम जांच में प्रथम दृष्टया कई कमियां सामने आईं।
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राही ने लिखा कि 29 जुलाई को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अभिलेख प्राप्त करने की कार्रवाई की गई, लेकिन पर्याप्त अवसर देने के बावजूद अधिशासी अधिकारी का रवैया नकारात्मक रहा और सभी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए। उनका कहना है कि मीडिया की मौजूदगी और लाइव प्रसारण के कारण कोई प्रत्यक्ष बाधा नहीं आई।
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उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान पुलिस बल पर्याप्त नहीं था और कुछ पुलिस अधिकारियों ने दस्तावेज स्कैन कर रहे ऑपरेटरों पर दबाव बनाने का प्रयास किया। सरकारी सहयोग न मिलने पर कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों की मदद से रिकॉर्ड स्कैन कराया गया। एक ऑपरेटर का कार्य संतोषजनक न मिलने पर उसका मोबाइल जब्त कर उसे हटा दिया गया। गोपनीय अभिलेखों की स्कैनिंग नहीं कराई गई और मोबाइल का डेटा सुरक्षित रखने के बाद उसे फॉर्मेट करा दिया गया।
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राही के अनुसार अधिकांश कर्मचारी उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बावजूद कार्यालय में नहीं मिले। जिन अनुभागों में अनियमितताओं की शिकायतें हैं, वे बंद मिले। लेखा अनुभाग में कुछ दस्तावेज स्कैन होने के बाद काम रुकवा दिया गया और कक्ष में ताला लगा दिया गया। जन्म-मृत्यु अनुभाग का रिकॉर्ड भी पूरा नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि प्रारंभिक जांच में कई पुराने रिकॉर्ड एक साथ जल्दबाजी में तैयार किए गए प्रतीत हुए और रैंडम जांच में प्रथम दृष्टया कई कमियां सामने आईं।