{"_id":"696d2402dc42f249c7055756","slug":"as-the-weather-changed-pea-prices-fell-orai-news-c-224-1-ori1001-139366-2026-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: मौसम बदला तो गिरे मटर के भाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: मौसम बदला तो गिरे मटर के भाव
विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। मौसम के मिजाज में आए बदलाव का सीधा असर हरी मटर के बाजार पर देखने को मिल रहा है। बीते कुछ दिनों से लगातार निकल रही धूप के कारण हरी मटर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में इसकी कीमत पांच रुपये प्रति किलोग्राम घटकर 20 रुपये तक पहुंच गई है। दाम कम होने से जहां आम लोगों को राहत मिली है, वहीं किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
कड़ाके की ठंड के दौरान हरी मटर की कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। बेहतर उत्पादन और लगातार बढ़ती आवक के चलते दाम पहले 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक आए। अब मौसम साफ होने और धूप निकलने से मटर की तुड़ाई व आवक और तेज हो गई है, जिससे कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में बाजार में हरी मटर 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रही है।
किसानों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि फरवरी तक ठंड बनी रहेगी, जिससे मटर की मांग और कीमत स्थिर रहेगी लेकिन मौसम के अचानक पलटने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। धूप निकलने से मटर के जल्दी सूखने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में किसान नुकसान से बचने के लिए कम दामों पर ही फसल बेचने के लिए मजबूर हैं। व्यापारी दीपू त्रिपाठी का कहना है कि इस समय मटर अच्छी निकल रही है लेकिन कोहरा न होने की वजह से बाहर नहीं जा पा रही है। इससे किसानों को लागत निकालने में भी परेशानी आ रही है।
Trending Videos
कड़ाके की ठंड के दौरान हरी मटर की कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। बेहतर उत्पादन और लगातार बढ़ती आवक के चलते दाम पहले 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक आए। अब मौसम साफ होने और धूप निकलने से मटर की तुड़ाई व आवक और तेज हो गई है, जिससे कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में बाजार में हरी मटर 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि फरवरी तक ठंड बनी रहेगी, जिससे मटर की मांग और कीमत स्थिर रहेगी लेकिन मौसम के अचानक पलटने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। धूप निकलने से मटर के जल्दी सूखने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में किसान नुकसान से बचने के लिए कम दामों पर ही फसल बेचने के लिए मजबूर हैं। व्यापारी दीपू त्रिपाठी का कहना है कि इस समय मटर अच्छी निकल रही है लेकिन कोहरा न होने की वजह से बाहर नहीं जा पा रही है। इससे किसानों को लागत निकालने में भी परेशानी आ रही है।
