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Jalaun News: 25 घरों में पानी की किल्लत, हैंडपंप ठीक कराने की मांग
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सिरसा कलार। कुठौंद ब्लॉक के अंतिम गांव जहटौली में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव के एक मोहल्ले के करीब 25 घरों के लोग बीते दो वर्षों से पानी की भारी किल्लत झेल रहे हैं। हालात यह हैं कि मोहल्लेवासियों को लगभग 200 मीटर दूर स्थित हैंडपंप से पानी लाना पड़ रहा है। रविवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर खराब हैंडपंप को दुरुस्त कराने की मांग उठाई।
मोहल्ले के महेश भास्कर, राजेंद्र रजक, जरीफ खां, शीलप्रकाश, दीपु भास्कर और इंद्रपाल ने बताया कि बीर सिंह के दरवाजे के पास लगा हैंडपंप पिछले दो साल से खराब पड़ा है। यदि इसे रीबोर कराकर किसी अन्य स्थान पर स्थापित कर दिया जाए तो करीब 20 से अधिक घरों की पेयजल समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर प्रधान और सचिव से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन हर बार टाल दिया जाता है। मजबूरी में मोहल्लेवासियों को दूर-दराज के हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है। पशुओं के पानी और घरेलू जरूरतों के लिए पूरा दिन पानी लाने में ही निकल जाता है। कई बार तो बच्चे भी पानी भरने में मदद करते हैं, जिससे वे स्कूल तक नहीं जा पाते।
मोहल्ले में कुछ लोगों के पास निजी सबमर्सिबल है, जिनसे थोड़ी-बहुत मदद मिल जाती है लेकिन उससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कुल 43 हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से 24 चालू हालत में हैं, जबकि 19 हैंडपंप खराब होकर रीबोर की प्रतीक्षा में पड़े हैं।
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मोहल्ले के महेश भास्कर, राजेंद्र रजक, जरीफ खां, शीलप्रकाश, दीपु भास्कर और इंद्रपाल ने बताया कि बीर सिंह के दरवाजे के पास लगा हैंडपंप पिछले दो साल से खराब पड़ा है। यदि इसे रीबोर कराकर किसी अन्य स्थान पर स्थापित कर दिया जाए तो करीब 20 से अधिक घरों की पेयजल समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर प्रधान और सचिव से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन हर बार टाल दिया जाता है। मजबूरी में मोहल्लेवासियों को दूर-दराज के हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है। पशुओं के पानी और घरेलू जरूरतों के लिए पूरा दिन पानी लाने में ही निकल जाता है। कई बार तो बच्चे भी पानी भरने में मदद करते हैं, जिससे वे स्कूल तक नहीं जा पाते।
मोहल्ले में कुछ लोगों के पास निजी सबमर्सिबल है, जिनसे थोड़ी-बहुत मदद मिल जाती है लेकिन उससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कुल 43 हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से 24 चालू हालत में हैं, जबकि 19 हैंडपंप खराब होकर रीबोर की प्रतीक्षा में पड़े हैं।
