{"_id":"69f64f7ecaa7f7116703382e","slug":"ddos-nazir-hanged-himself-to-death-orai-news-c-224-1-ori1005-143721-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: डीडीओ के नाजिर ने फंदा लगाकर जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: डीडीओ के नाजिर ने फंदा लगाकर जान दी
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sun, 03 May 2026 12:54 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। विकास भवन में तैनात जिला विकास अधिकारी के नाजिर (लेखालिपिक) ने घर के कमरे में लगे हुक से रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उनकी मां घर पर थी, जबकि पत्नी बेटे के साथ मायके गई थी। पुलिस जांच में जुटी है, देर शाम तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं लग पाया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नया पटेल नगर निवासी हरी सिंह राठौर (42) ने शुक्रवार की रात फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बताया कि वह जिला विकास अधिकारी के यहां नाजिर के पद पर तैनात थे। शुक्रवार को उसकी पत्नी आरती बेटे अभि के साथ मायके सिम्हारा चली गई थी। जबकि बेटी गुनगुन प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। घर में उसकी मां इमरती देवी थी। बताया कि रात में खाना खाने के बाद वह कमरे में गया और उसने फंदा लगाकर जान दे दी। इमरती देवी ने बताया कि शनिवार की सुबह बेटे के कमरे से बाहर न निकलने पर उन्होंने आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर खिड़की से देखा तो हरी सिंह फंदे पर लटक रहा था। हरि के भाई राजकुमार ने बताया कि घर में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लें। परिजन मौत का कारण नहीं बता पा रहे हैं। कोतवाल आनंद सिंह का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। जांच की जा रही है।
Trending Videos
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नया पटेल नगर निवासी हरी सिंह राठौर (42) ने शुक्रवार की रात फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बताया कि वह जिला विकास अधिकारी के यहां नाजिर के पद पर तैनात थे। शुक्रवार को उसकी पत्नी आरती बेटे अभि के साथ मायके सिम्हारा चली गई थी। जबकि बेटी गुनगुन प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। घर में उसकी मां इमरती देवी थी। बताया कि रात में खाना खाने के बाद वह कमरे में गया और उसने फंदा लगाकर जान दे दी। इमरती देवी ने बताया कि शनिवार की सुबह बेटे के कमरे से बाहर न निकलने पर उन्होंने आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर खिड़की से देखा तो हरी सिंह फंदे पर लटक रहा था। हरि के भाई राजकुमार ने बताया कि घर में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लें। परिजन मौत का कारण नहीं बता पा रहे हैं। कोतवाल आनंद सिंह का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
