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Jalaun News: डॉ.आराध्य समेत 40 अज्ञात डॉक्टरों पर प्राथमिकी दर्ज
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फोटो - 22 मेडिकल कॉलेज में धरना देते डॉक्टर। संवाद
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उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में हुए बवाल के मामले में भाजपा नेता की तहरीर पर उरई कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर आराध्य नगाइच समेत 40 अज्ञात जूनियर और सीनियर डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सोमवार को दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। एफआईआर दर्ज न होने पर व्यापारियों के साथ परिजनों ने घंटाघर पर जाम लगा दिया था।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तुलसी नगर निवासी ब्रजकिशोर गुप्ता की बेटी स्मृति के पैर में सोमवार को चोट लग गई थी। रात वह बेटे गोपाल के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। तीमारदारों ने डाॅक्टरों से कहा कि वह जल्दी इलाज करें। वहां ड्यूटी पर मौजूद डाॅ. आराध्य नगाइच ने पर्चा बनवाने के लिए कहा तो वह लोग उग्र हो गए। इसी दौरान इमरजेंसी में एक गंभीर मरीज पहुंचा तो डॉक्टर उसे देखने लगे। इस पर युवती के तीमारदार बोले कि मरे हुए को क्या देखते हो जिंदा का इलाज करो।
डाॅक्टर ने शांत रहने को कहा तो विवाद बढ़ गया। इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट की गई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। तीन घंटे तक इमरजेंसी में हंगामा होता रहा। फिर तीन थानों की फोर्स व अपर पुलिस अधीक्षक डाॅ. ईशान सोनी ने मोर्चा संभाला तब मामला शांत हो सका था।
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मंगलवार को डाॅक्टरों ने ओपीडी ठप कर मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर दी। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली थी तब ओपीडी शुरू हो सकी थी। दूसरे पक्ष ने डाॅक्टरों के विरुद्ध तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी। बुधवार की सुबह व्यापारियों ने भाजपा महिला कार्यकर्ताओं व अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर शहर के घंटाघर चौराहे पर जाम लगाकर डाॅक्टरों व पुलिस के विरोध में मुर्दाबाद के नारे लगाए।
व्यापारी डाॅक्टरों पर प्राथमिकी दर्ज करने की जिद पर अड़ गए थे। देर रात पीड़ित ब्रजकिशोर गुप्ता ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि वह बेटी स्मृति गुप्ता का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। इमरजेंसी में पर्चा बनाने में देरी होने पर उन्होंने विरोध जताया, जिस पर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर आराध्य नगाइच ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया।
आरोप है कि बेटे गोपाल द्वारा विरोध करने पर वहां मौजूद अन्य डॉक्टर भी उग्र हो गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। परिवार का कहना है कि 30 से 40 डॉक्टरों ने कुर्सियों और डंडों से हमला किया, जिससे गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गया।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस के सामने भी मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मेडिकल कॉलेज में हुई इस घटना के बाद से लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है और मामले को लेकर शहर में विरोध प्रदर्शन भी हो चुके हैं। सीओ राजीव कुमार शर्मा का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जान शुरू कर दी गई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तुलसी नगर निवासी ब्रजकिशोर गुप्ता की बेटी स्मृति के पैर में सोमवार को चोट लग गई थी। रात वह बेटे गोपाल के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। तीमारदारों ने डाॅक्टरों से कहा कि वह जल्दी इलाज करें। वहां ड्यूटी पर मौजूद डाॅ. आराध्य नगाइच ने पर्चा बनवाने के लिए कहा तो वह लोग उग्र हो गए। इसी दौरान इमरजेंसी में एक गंभीर मरीज पहुंचा तो डॉक्टर उसे देखने लगे। इस पर युवती के तीमारदार बोले कि मरे हुए को क्या देखते हो जिंदा का इलाज करो।
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डाॅक्टर ने शांत रहने को कहा तो विवाद बढ़ गया। इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट की गई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। तीन घंटे तक इमरजेंसी में हंगामा होता रहा। फिर तीन थानों की फोर्स व अपर पुलिस अधीक्षक डाॅ. ईशान सोनी ने मोर्चा संभाला तब मामला शांत हो सका था।
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मंगलवार को डाॅक्टरों ने ओपीडी ठप कर मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर दी। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली थी तब ओपीडी शुरू हो सकी थी। दूसरे पक्ष ने डाॅक्टरों के विरुद्ध तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी। बुधवार की सुबह व्यापारियों ने भाजपा महिला कार्यकर्ताओं व अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर शहर के घंटाघर चौराहे पर जाम लगाकर डाॅक्टरों व पुलिस के विरोध में मुर्दाबाद के नारे लगाए।
व्यापारी डाॅक्टरों पर प्राथमिकी दर्ज करने की जिद पर अड़ गए थे। देर रात पीड़ित ब्रजकिशोर गुप्ता ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि वह बेटी स्मृति गुप्ता का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। इमरजेंसी में पर्चा बनाने में देरी होने पर उन्होंने विरोध जताया, जिस पर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर आराध्य नगाइच ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया।
आरोप है कि बेटे गोपाल द्वारा विरोध करने पर वहां मौजूद अन्य डॉक्टर भी उग्र हो गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। परिवार का कहना है कि 30 से 40 डॉक्टरों ने कुर्सियों और डंडों से हमला किया, जिससे गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गया।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस के सामने भी मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मेडिकल कॉलेज में हुई इस घटना के बाद से लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है और मामले को लेकर शहर में विरोध प्रदर्शन भी हो चुके हैं। सीओ राजीव कुमार शर्मा का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जान शुरू कर दी गई है।

फोटो - 22 मेडिकल कॉलेज में धरना देते डॉक्टर। संवाद