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Jalaun News: पांच साल में भी नल से नहीं आया पानी, टंकियां बनीं सफेद हाथी

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:16 AM IST
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Five years on, no tap water, tanks turned into white elephants
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फोटो - 01 मुहम्मदाबाद गांव में निर्माणाधीन पानी की टंकी। संवाद
फोटो- 02 डकोर में टंकी अधूरी पड़ी अभी तक नहीं हुई चालू। संवाद
नमामि गंगे योजना: डकोर ब्लॉक की 62 ग्राम पंचायतों में से 59 ग्राम पंचायतों का हुआ था चयन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुहम्मदाबाद। नमामि गंगे योजना के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी परियोजना डकोर क्षेत्र में दम तोड़ती नजर आ रही है। योजना के प्रारंभ हुए लगभग पांच वर्ष बीत चुके हैं, परंतु अभी भी कई गांवों में पानी की टंकियां चालू नहीं हो सकी हैं। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित ये टंकियां अब ग्रामीणों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही हैं। अमर उजाला की टीम ने डकोर ब्लॉक के कई गांवों का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी, जो चिंताजनक पाई गई।

डकोर ब्लॉक की कुल 62 ग्राम पंचायतों में से 59 को नमामि गंगे योजना में शामिल किया गया था। शुरुआती दौर में कार्य प्रगति पर था, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने की आशा जगी थी। हालांकि, निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बावजूद योजना अधूरी रह गई, जिससे लोगों की उम्मीदें टूट गईं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि यदि योजना की निष्पक्ष जांच हो तो बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है। पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों की खुदाई हुई, पर घरों तक नल से जल की आपूर्ति नहीं हुई। ठेकेदारों की लापरवाही के कारण सड़कों पर कीचड़ और गड्ढे हो गए हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।
शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नमामि गंगे योजना के तहत कराए गए कार्यों की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी योजनाएं कागजों तक ही सीमित रहेंगी।





फोटो- 03 संजय यादव


10 हजार की आबादी पानी के लिए हो रही परेशान
डकोर गांव की आबादी 10 हजार से अधिक है और यहां पानी की गंभीर समस्या बनी रहती है। गांव में बनी पानी की टंकी को एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद चालू नहीं किया गया। टंकी के चारों ओर केवल बाउंड्री बनाकर काम रोक दिया गया है। अगर टंकी चालू कर दी जाए तो गर्मियों में बड़ी राहत मिल सकती है। आरोप है कि योजना केवल कागजों में चल रही है, जबकि हकीकत में ग्रामीणों के साथ धोखेबाजी हो रही है। - संजय यादव


फोटो - 04 जावेद अख्तर
मुहम्मदाबाद में नमामि गंगे योजना के तहत बनी पानी की टंकी समय सीमा के बावजूद तैयार नहीं हो सकी। पांच साल बीतने के बाद भी टंकी चालू नहीं हो पाई। निर्माण कार्य बेहद घटिया गुणवत्ता का है। टंकी में न तो सीढ़ियां बनी हैं, न पुताई हुई है और न ही बिजली या जल कनेक्शन किए गए हैं। नाम भले ही नमामि गंगे हो, लेकिन काम मानकों के अनुरूप नहीं है। - जावेद अख्तर।



फोटो - 05 ओमकार पाल
ऐरी रामपुरा गांव में मुख्यमंत्री स्वयं आ चुके हैं, इसके बावजूद गांव में न तो पानी की टंकी बनी और न ही ट्यूबवेल लगाया गया। दूसरे गांव से करीब 5 किलोमीटर दूर से पाइपलाइन डालकर पानी लाने की योजना बनाई गई है। पाइपलाइन डालने के बाद घर-घर नल तो लगा दिए गए, लेकिन उनमें आज तक पानी नहीं आया। लोगों में भारी आक्रोश है और वे सवाल कर रहे हैं कि क्या उनके जीवनकाल में उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा या नहीं।- ओमकार पाल।


फोटो - 06 अंकित
गुढा गांव में नमामि गंगे योजना की टंकी में पानी भरकर जांच की गई तो टंकी से पानी टपकता मिला। ग्रामीणों ने बताया कि टंकी अभी अधूरी है और चारों ओर बांस लगाकर काम रोका गया है। जब अभी से टंकी रिसाव करने लगी है तो आगे चलकर स्थिति और खराब होगी। उन्होंने निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और सवाल उठाया है कि क्या इस वर्ष मई-जून में उन्हें पीने का पानी मिलेगा या नहीं। - अंकित




वर्जन

जिले में सभी जगहों पर कार्य प्रगति पर है। जहां कार्य रह गया है, वहां जल्द ही पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सभी जगहों पर काम पूरा करा लिया जाएगा। इससे किसी को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।-प्रेम चंद्र मौर्य, एडीएम नमामि गंगे।
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