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Jalaun News: कानपुर-झांसी हाईवे पर शुरू हुआ डामरीकरण
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फोटो - 01 आटा-उकासा टोल के पास हाईवे पर मरम्मत कार्य चलता। संवाद
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आटा। कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे समय से गड्ढों की समस्या से परेशान वाहन चालकों को राहत मिलने लगी है। कानपुर से झांसी जाने वाली लेन पर महीनों से बने गहरे गड्ढों और उखड़ी सड़क के कारण सफर जोखिम भरा हो गया था। लगातार शिकायतों और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद हाईवे प्रबंधन ने नवीन गल्ला मंडी से आगे क्षतिग्रस्त सड़क का डामरीकरण कार्य शुरू करा दिया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के आटा बस स्टैंड, उकासा टोल प्लाजा और चमारी क्षेत्र के आसपास सड़क की स्थिति सबसे अधिक खराब थी। सड़क पर बने गहरे गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन चालक अक्सर संतुलन खो बैठते थे, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। मरम्मत के नाम पर केवल पैचवर्क किए जाने के कारण कुछ ही दिनों में सड़क दोबारा उखड़ जाती थी और समस्या जस की तस बनी रहती थी।
गौरतलब है कि आटा-उकासा टोल प्लाजा से प्रतिदिन करीब 25 से 30 लाख रुपये की टोल वसूली होती है। इसके बावजूद सड़क की खराब स्थिति को लेकर वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बनी हुई थी। लोगों का कहना था कि लाखों रुपये की टोल वसूली के बावजूद सड़क की समय पर और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं कराई जा रही थी।
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इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। 20 मई के अंक में टोल वसूली लाखों में, हाईवे के गड्ढों की मरम्मत में खानापूर्ति शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद नवीन गल्ला मंडी से कानपुर-झांसी लेन पर डामरीकरण कार्य शुरू करा दिया गया।
सड़क निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र के लोगों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। बारिश का मौसम शुरू होने से पहले मरम्मत होने से हादसों की आशंका भी कम होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं होती तो बरसात में गड्ढे और गहरे हो जाते तथा दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता।
भारी वाहनों से फिर बनने लगे नालीनुमा गड्ढे
झांसी से कानपुर जाने वाली लेन की मरम्मत करीब छह माह पहले कराई गई थी, लेकिन भारी वाहनों के लगातार दबाव के चलते कई स्थानों पर सड़क फिर से खराब होने लगी है। संकटमोचन मंदिर से लेकर आटा तक कई हिस्सों में नालीनुमा गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में वाहन जाते ही चालक का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वाहन चालकों ने इन गड्ढों को भी शीघ्र भरवाने की मांग की है।
वर्जन
नवीन गल्ला मंडी से लेकर बाराजोड़ तक सड़क की मरम्मत कराई जानी है। मरम्मत कार्य आटा क्षेत्र तक पहुंच चुका है। आगे मौसम की स्थिति के अनुसार कार्य कराया जाएगा। वाहन चालकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मरम्मत कार्य निरंतर जारी रहेगा।
- उत्तम सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, राष्ट्रीय राजमार्ग
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राष्ट्रीय राजमार्ग के आटा बस स्टैंड, उकासा टोल प्लाजा और चमारी क्षेत्र के आसपास सड़क की स्थिति सबसे अधिक खराब थी। सड़क पर बने गहरे गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन चालक अक्सर संतुलन खो बैठते थे, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। मरम्मत के नाम पर केवल पैचवर्क किए जाने के कारण कुछ ही दिनों में सड़क दोबारा उखड़ जाती थी और समस्या जस की तस बनी रहती थी।
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गौरतलब है कि आटा-उकासा टोल प्लाजा से प्रतिदिन करीब 25 से 30 लाख रुपये की टोल वसूली होती है। इसके बावजूद सड़क की खराब स्थिति को लेकर वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बनी हुई थी। लोगों का कहना था कि लाखों रुपये की टोल वसूली के बावजूद सड़क की समय पर और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं कराई जा रही थी।
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इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। 20 मई के अंक में टोल वसूली लाखों में, हाईवे के गड्ढों की मरम्मत में खानापूर्ति शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद नवीन गल्ला मंडी से कानपुर-झांसी लेन पर डामरीकरण कार्य शुरू करा दिया गया।
सड़क निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र के लोगों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। बारिश का मौसम शुरू होने से पहले मरम्मत होने से हादसों की आशंका भी कम होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं होती तो बरसात में गड्ढे और गहरे हो जाते तथा दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता।
भारी वाहनों से फिर बनने लगे नालीनुमा गड्ढे
झांसी से कानपुर जाने वाली लेन की मरम्मत करीब छह माह पहले कराई गई थी, लेकिन भारी वाहनों के लगातार दबाव के चलते कई स्थानों पर सड़क फिर से खराब होने लगी है। संकटमोचन मंदिर से लेकर आटा तक कई हिस्सों में नालीनुमा गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में वाहन जाते ही चालक का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वाहन चालकों ने इन गड्ढों को भी शीघ्र भरवाने की मांग की है।
वर्जन
नवीन गल्ला मंडी से लेकर बाराजोड़ तक सड़क की मरम्मत कराई जानी है। मरम्मत कार्य आटा क्षेत्र तक पहुंच चुका है। आगे मौसम की स्थिति के अनुसार कार्य कराया जाएगा। वाहन चालकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मरम्मत कार्य निरंतर जारी रहेगा।
- उत्तम सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, राष्ट्रीय राजमार्ग

फोटो - 01 आटा-उकासा टोल के पास हाईवे पर मरम्मत कार्य चलता। संवाद