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Jalaun News: ट्रेनों में मारामारी, तत्काल का भी नहीं सहारा
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फोटो-07 -उरई के आरक्षण काउंटर पर खड़े यात्री। संवाद
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उरई। गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के साथ ही ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। महानगरों की ओर जाने वाले यात्रियों को आरक्षित टिकट के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि यात्रियों की आखिरी उम्मीद मानी जाने वाली तत्काल टिकट व्यवस्था भी उनका सहारा नहीं बन पा रही है।
उरई रेलवे स्टेशन पर रोजाना एसी और स्लीपर श्रेणी के तत्काल टिकट के लिए 20-20 टोकन बांटे जाते हैं, लेकिन इनमें से अधिकतम तीन या चार यात्रियों को ही टिकट मिल पाती है। सबसे अधिक मारामारी मुंबई और गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेनों में देखी जा रही है। उरई, कालपी और कोंच स्टेशनों पर आरक्षण सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद तत्काल टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। कई बार टिकट बनाते समय निर्धारित समय समाप्त हो जाता है, जबकि कई बार वेबसाइट की तकनीकी समस्या यात्रियों की परेशानी बढ़ा देती है। ऐसे में बड़ी संख्या में यात्रियों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
केस-1-
जालौन निवासी आदर्श सिंह ने बताया कि उन्हें पुष्पक एक्सप्रेस से मुंबई जाना था। उनका तीसरा नंबर था, लेकिन काउंटर पर पहुंचने तक ट्रेन फुल हो चुकी थी। झांसी से किसी दूसरी ट्रेन में टिकट बनाने का अनुरोध भी सफल नहीं हो सका।
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केस-2-
रिनियां निवासी विवेक को अहमदाबाद के लिए एसी टिकट नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि वह दो दिनों से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली। रेलवे स्टेशन पर सुबह तत्काल टिकट के समय लंबी कतारें लग रही हैं।
इन ट्रेनों में सबसे पहले भर रहे तत्काल टिकट
मुंबई और गुजरात मार्ग की ट्रेनों में तत्काल टिकट सबसे पहले खत्म हो रहे हैं। इनमें संत कबीर नगर एक्सप्रेस (20104), कुशीनगर एक्सप्रेस (22537), पुष्पक एक्सप्रेस (12533), पनवेल एक्सप्रेस (15065), उद्योगकर्मी एक्सप्रेस (12943), गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस (15067), साबरमती एक्सप्रेस (19166 और 19168), पुणे एक्सप्रेस (12104) और उद्योगनगरी एक्सप्रेस (12174) प्रमुख हैं।
वर्जन
तत्काल और एसी टिकटों की बुकिंग का समय निर्धारित है। पूरे देश में रेलवे की वेबसाइट एक साथ खुलती है, ऐसे में सीमित सीटों के कारण इक्का-दुक्का यात्रियों को ही टिकट मिल पाती है।
- मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी मंडल
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उरई रेलवे स्टेशन पर रोजाना एसी और स्लीपर श्रेणी के तत्काल टिकट के लिए 20-20 टोकन बांटे जाते हैं, लेकिन इनमें से अधिकतम तीन या चार यात्रियों को ही टिकट मिल पाती है। सबसे अधिक मारामारी मुंबई और गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेनों में देखी जा रही है। उरई, कालपी और कोंच स्टेशनों पर आरक्षण सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद तत्काल टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। कई बार टिकट बनाते समय निर्धारित समय समाप्त हो जाता है, जबकि कई बार वेबसाइट की तकनीकी समस्या यात्रियों की परेशानी बढ़ा देती है। ऐसे में बड़ी संख्या में यात्रियों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
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केस-1-
जालौन निवासी आदर्श सिंह ने बताया कि उन्हें पुष्पक एक्सप्रेस से मुंबई जाना था। उनका तीसरा नंबर था, लेकिन काउंटर पर पहुंचने तक ट्रेन फुल हो चुकी थी। झांसी से किसी दूसरी ट्रेन में टिकट बनाने का अनुरोध भी सफल नहीं हो सका।
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केस-2-
रिनियां निवासी विवेक को अहमदाबाद के लिए एसी टिकट नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि वह दो दिनों से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली। रेलवे स्टेशन पर सुबह तत्काल टिकट के समय लंबी कतारें लग रही हैं।
इन ट्रेनों में सबसे पहले भर रहे तत्काल टिकट
मुंबई और गुजरात मार्ग की ट्रेनों में तत्काल टिकट सबसे पहले खत्म हो रहे हैं। इनमें संत कबीर नगर एक्सप्रेस (20104), कुशीनगर एक्सप्रेस (22537), पुष्पक एक्सप्रेस (12533), पनवेल एक्सप्रेस (15065), उद्योगकर्मी एक्सप्रेस (12943), गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस (15067), साबरमती एक्सप्रेस (19166 और 19168), पुणे एक्सप्रेस (12104) और उद्योगनगरी एक्सप्रेस (12174) प्रमुख हैं।
वर्जन
तत्काल और एसी टिकटों की बुकिंग का समय निर्धारित है। पूरे देश में रेलवे की वेबसाइट एक साथ खुलती है, ऐसे में सीमित सीटों के कारण इक्का-दुक्का यात्रियों को ही टिकट मिल पाती है।
- मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी मंडल