{"_id":"69629eea97f1c7811a04dd96","slug":"leopard-spotted-first-in-rawa-and-then-four-kilometers-away-in-bhedapura-orai-news-c-224-1-ori1005-139042-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: पहले रवा फिर चार किमी. दूर भेदपुरा में दिखा तेंदुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: पहले रवा फिर चार किमी. दूर भेदपुरा में दिखा तेंदुआ
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो - 21 ग्राम भेदपुरा में दिनेश के खेत में खुर के निशान। संवाद
फोटो - 22 तेंदुए की झलक पाने के लिए छतों पर चढ़े ग्रामीण। संवाद
फोटो - 23 ग्राम भेदपुरा में जाल लेकर जाते वन विभाग के कर्मचारी। संवाद
फोटो - 24 रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी को पहुंचे क्षेत्रीय निदेशक। संवाद
- ग्रामीणों में भय, वन विभाग की टीमें सक्रिय, क्षेत्रीय निदेशक भी पहुंचे
-ड्रोन कैमरों की मदद से खेतों और आसपास के इलाकों की जा रही निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोंच। तहसील क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से एक तेंदुए की सक्रियता ने ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बना दिया है। गुरुवार को ग्राम रवा गांव में देखे जाने के बाद, यह तेंदुआ लगभग चार किलोमीटर दूर ग्राम भेदपुरा में भी दिखाई दिया है। आसपास के नम खेतों में इसके पदचिह्न मिलने से लोगों की चिंता और बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, कार्तिक, कमलेश और संतोष जब खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने सड़क किनारे रामेश्वर पटेल निवासी तीतरा के सरसों के खेत में तेंदुए को देखा। इस सूचना के तुरंत बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण लाठी-डंडे व अन्य औजार लेकर खेतों की ओर दौड़ पड़े।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें जाल और अन्य आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर पहुंच गईं। ड्रोन कैमरों की मदद से खेतों और आसपास के इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। हालांकि, देर शाम तक तेंदुए को दोबारा नहीं देखा जा सका। दिनेश गुर्जर निवासी धनौरा के मटर के खेत में तेंदुए के ताजा पदचिह्न मिलने से लोगों की बेचैनी और बढ़ गई है।
तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए, झांसी मंडल से एक विशेष टीम को क्षेत्र में तैनात किया गया है। वन संरक्षक एवं क्षेत्रीय निदेशक, झांसी मंडल, महावीर कोजलगी स्वयं मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। डीएफओ प्रदीप कुमार, एसडीओ हरिमोहन कटियार, आरएफओ रंजीत सिंह, हरिकिशोर शुक्ला, उपक्षेत्रीय वन अधिकारी अमित कुमार शर्मा और वन दरोगा राजेश अस्थाना सहित कई टीमें सघन कांबिंग अभियान चला रही हैं।
वन विभाग ने लौना, कुंवरपुरा, अलालपुरा जैसे आसपास के गांवों में भी सघन चेकिंग अभियान चलाया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर न निकलने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की अपील की है। एमएलसी रमा निरंजन के प्रतिनिधि आरपी निरंजन भी भेदपुरा पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेतों में तेंदुए की मौजूदगी के कारण किसान खेती-किसानी का कार्य ठीक से नहीं कर पा रहे हैं, जिससे भय का माहौल व्याप्त है।
रात की रखवाली बंद, अनहोनी की आशंका
तेंदुए के डर के चलते किसानों ने रात में खेतों की रखवाली करना बंद कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले वे रात में सिंचाई और निगरानी कर लेते थे लेकिन अब अकेले बाहर निकलने से भी डर लग रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि तेंदुआ जल्द नहीं पकड़ा गया तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
वर्जन
आधुनिक तकनीक और मानव संसाधनों की मदद से तेंदुए को जल्द पकड़ लिया जाएगा। उसकी तलाश की जा रही है। लोगों को घरों के बाहर न निकलने की अपील की गई है।-प्रदीप कुमार, डीएफओ
Trending Videos
फोटो - 22 तेंदुए की झलक पाने के लिए छतों पर चढ़े ग्रामीण। संवाद
फोटो - 23 ग्राम भेदपुरा में जाल लेकर जाते वन विभाग के कर्मचारी। संवाद
फोटो - 24 रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी को पहुंचे क्षेत्रीय निदेशक। संवाद
- ग्रामीणों में भय, वन विभाग की टीमें सक्रिय, क्षेत्रीय निदेशक भी पहुंचे
-ड्रोन कैमरों की मदद से खेतों और आसपास के इलाकों की जा रही निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोंच। तहसील क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से एक तेंदुए की सक्रियता ने ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बना दिया है। गुरुवार को ग्राम रवा गांव में देखे जाने के बाद, यह तेंदुआ लगभग चार किलोमीटर दूर ग्राम भेदपुरा में भी दिखाई दिया है। आसपास के नम खेतों में इसके पदचिह्न मिलने से लोगों की चिंता और बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, कार्तिक, कमलेश और संतोष जब खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने सड़क किनारे रामेश्वर पटेल निवासी तीतरा के सरसों के खेत में तेंदुए को देखा। इस सूचना के तुरंत बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण लाठी-डंडे व अन्य औजार लेकर खेतों की ओर दौड़ पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें जाल और अन्य आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर पहुंच गईं। ड्रोन कैमरों की मदद से खेतों और आसपास के इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। हालांकि, देर शाम तक तेंदुए को दोबारा नहीं देखा जा सका। दिनेश गुर्जर निवासी धनौरा के मटर के खेत में तेंदुए के ताजा पदचिह्न मिलने से लोगों की बेचैनी और बढ़ गई है।
तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए, झांसी मंडल से एक विशेष टीम को क्षेत्र में तैनात किया गया है। वन संरक्षक एवं क्षेत्रीय निदेशक, झांसी मंडल, महावीर कोजलगी स्वयं मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। डीएफओ प्रदीप कुमार, एसडीओ हरिमोहन कटियार, आरएफओ रंजीत सिंह, हरिकिशोर शुक्ला, उपक्षेत्रीय वन अधिकारी अमित कुमार शर्मा और वन दरोगा राजेश अस्थाना सहित कई टीमें सघन कांबिंग अभियान चला रही हैं।
वन विभाग ने लौना, कुंवरपुरा, अलालपुरा जैसे आसपास के गांवों में भी सघन चेकिंग अभियान चलाया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर न निकलने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की अपील की है। एमएलसी रमा निरंजन के प्रतिनिधि आरपी निरंजन भी भेदपुरा पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेतों में तेंदुए की मौजूदगी के कारण किसान खेती-किसानी का कार्य ठीक से नहीं कर पा रहे हैं, जिससे भय का माहौल व्याप्त है।
रात की रखवाली बंद, अनहोनी की आशंका
तेंदुए के डर के चलते किसानों ने रात में खेतों की रखवाली करना बंद कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले वे रात में सिंचाई और निगरानी कर लेते थे लेकिन अब अकेले बाहर निकलने से भी डर लग रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि तेंदुआ जल्द नहीं पकड़ा गया तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
वर्जन
आधुनिक तकनीक और मानव संसाधनों की मदद से तेंदुए को जल्द पकड़ लिया जाएगा। उसकी तलाश की जा रही है। लोगों को घरों के बाहर न निकलने की अपील की गई है।-प्रदीप कुमार, डीएफओ